जयपुर, 13 फरवरी (भाषा) राजस्थान में थैलेसीमिया के 1105 रोगी हैं जिन्हें निशुल्क इलाज व पेंशन की सुविधा दी जा रही है। सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में यह जानकारी दी।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने प्रश्नकाल में कहा कि राज्य सरकार थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी के पीड़ितों के प्रति संवेदनशील है तथा उन्हें त्वरित इलाज उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया बीमारी से पीड़ित बच्चों की देखभाल के लिए प्रदेश में भरतपुर को छोड़कर सभी छह संभाग मुख्यालयों पर ‘डे-केयर सेंटर’ संचालित है।
उन्होंने कहा कि इन केंद्र पर मरीजों को बिना अदला-बदली के रक्त चढ़ाया जाता है। साथ ही रोग से संबंधित जांच व थेरेपी निशुल्क कराई जाती हैं।
मंत्री ने कहा कि इसके अलावा सरकार की ओर से इस रोग के इलाज में ‘बोन मैरो ट्रांसप्लांट’ के लिए 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि ‘मा’ योजना में भी इस बीमारी के निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
गहलोत ने बताया कि इस समय राज्य में थैलेसीमिया के 1105 रोगी हैं और राज्य सरकार इन्हें 1250 रुपए प्रतिमाह सहायता प्रदान कर रही है।
उन्होंने का कि इनमें से 797 रोगी 18 वर्ष तक की उम्र के हैं।
भाषा पृथ्वी
जोहेब
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