हैदराबाद, तीन अप्रैल (भाषा) तेलंगाना उच्च न्यायालय ने हैदराबाद विश्वविद्यालय से सटी 400 एकड़ भूमि के विवाद से संबंधित मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को सात अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी।
बुधवार को, उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को भूमि के इस हिस्से पर सभी काम एक दिन के लिए रोकने का निर्देश दिया।
आज जब याचिकाओं पर सुनवाई हुई, तो याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने अदालत को तेलंगाना के मुख्य सचिव को दिए गए उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बारे में बताया, जिसमें उच्चतम न्यायालय के अगले आदेश तक कांचा गचीबोवली वन क्षेत्र में कोई पेड़ नहीं काटने का निर्देश दिया गया है।
राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने अदालत को बताया कि 400 एकड़ भूमि के विकास के बाद तेलंगाना को 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है, जिससे पांच लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को अपने जवाब दाखिल करने का भी निर्देश दिया। अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता एस निरंजना रेड्डी के आवेदन पर भी जवाब मांगा, जिसमें कहा गया है कि विवादित स्थल पर तस्वीरें लेने का प्रयास कर रहे विश्वविद्यालय के एक छात्र को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
चार सौ एकड़ भूमि पर आईटी बुनियादी ढांचा विकसित करने की तेलंगाना की योजना का विश्वविद्यालय के छात्र और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) व भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) विरोध कर रही है।
भाषा जोहेब पवनेश
पवनेश
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