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Thursday, 5 February, 2026
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तमिलनाडु के मंत्री के बयान पर बिहार में सियासी घमासान, मंत्री अशोक चौधरी ने किया पलटवार

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पटना, पांच फरवरी (भाषा) तमिलनाडु के कृषि मंत्री एम.आर.के. पनीरसेल्वम द्वारा उत्तर भारतीयों और हिंदी भाषियों को लेकर दिए गए विवादित बयान से बिहार में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है।

उनके बयान पर बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने बृहस्पतिवार को तीखा पलटवार करते हुए कहा कि किसी भी भाषा या क्षेत्र के लोगों को कमतर आंकना न केवल अनुचित है, बल्कि भारत की विविधता के मूल भाव के भी खिलाफ है।

पनीरसेल्वम ने कथित रूप से कहा था कि उत्तर भारत से लोग तमिलनाडु में मजदूरी करने या छोटे व्यवसाय करने आते हैं, क्योंकि उन्होंने केवल हिंदी सीखी है, जबकि तमिलनाडु की दो-भाषा नीति के कारण वहां के युवा अंग्रेजी सीखकर विदेशों में बेहतर अवसर प्राप्त कर रहे हैं।

उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और इसे उत्तर बनाम दक्षिण की नई बहस के रूप में देखा जा रहा है।

अशोक चौधरी ने कहा कि किसी भी भाषा या क्षेत्र के लोगों को कमतर आंकना न केवल अनुचित है, बल्कि भारत की विविधता के मूल भाव के भी खिलाफ है।

उन्होंने बिहार के ऐतिहासिक और बौद्धिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यही वह भूमि है, जहां आर्यभट्ट ने गणित में शून्य की अवधारणा दी, चाणक्य ने राजनीति के सिद्धांत प्रस्तुत किए और नालंदा तथा विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालयों ने वैश्विक ज्ञान परंपरा को दिशा दी।

उन्होंने यह भी कहा कि चंपारण सत्याग्रह से लेकर विभिन्न लोकतांत्रिक आंदोलनों तक बिहार ने देश की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

चौधरी ने वर्तमान संदर्भ में कहा कि आज भी बिहार के युवा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त कर रहे हैं और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कुछ हिंदी भाषी मेहनत-मजदूरी करते हैं तो इसे कमजोरी के रूप में क्यों देखा जाए, जबकि यही श्रम देश की अर्थव्यवस्था को गति देता है और विकास की मजबूत नींव तैयार करता है।

जनता दल यूनाइटेड के विधानपरिषद सदस्य और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी पनीरसेल्वम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस देश में लोगों को कहीं भी जाकर नौकरी और रोजगार करने का संवैधानिक अधिकार है।

उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में होने वाले चुनाव को ध्यान में रखकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर देश और दुनिया के किसी भी हिस्से में अपनी पहचान बना लेते हैं।

भाषा कैलाश राजकुमार

राजकुमार

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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