कोच्चि, आठ जुलाई (भाषा) केरल में राजयनिक माध्यम से सोना तस्करी करने के मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने शुक्रवार को उच्च न्यायालय का रुख कर पुलिस पर पूछताछ के दौरान परेशान करने और धारा 164 के तहत दिए गए बयान का खुलासा करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया।
सुरेश के खिलाफ उनके खुलासे के जरिये राज्य में दंगा भड़काने की साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने इस प्राथमिकी को रद्द करने की मांग करते हुए हाल में अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी याचिका में सुरेश ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें धमकी दी है कि अगर उन्होंने एचआरडीएस से अपनी नौकरी नहीं छोड़ी और अपने वकील से छुटकारा नहीं पाया, तो वे मुख्यमंत्री के खिलाफ विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा किए गए आंदोलन के मद्देनजर पूरे केरल में दर्ज सभी 770 मामलों में उन्हें आरोपी बना देंगे।
उनके वकील के जरिये दायर याचिका में कहा गया है, “ यह अवैध और अनुचित है। एचआरडीएस के कर्मचारियों को जांच के नाम पर पुलिस द्वारा प्रताड़ित किए जाने के कारण जिस एनजीओ में याचिकाकर्ता काम कर रही थी, उसने उनकी सेवा को समाप्त कर दिया है।”
उन्होंने इस मामले में अदालत से निर्देश देने का आग्रह किया। सुरेश ने सोना तस्करी मामले में मुख्यमंत्री पी विजयन और अन्य नेताओं पर आरोप लगाए थे।
भाषा नोमान संतोष
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