नई दिल्ली: योग गुरु और पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक स्वामी रामदेव ने अपनी पहचान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बने डीपफेक वीडियो, फर्जी तस्वीरें और नकली सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए उनकी छवि का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल किया जा रहा है.
मामले की सुनवाई मंगलवार को जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच के सामने हुई. कोर्ट ने दोनों पक्षों की शुरुआती दलीलें सुनने के बाद मामले को आगे की सुनवाई के लिए कल सूचीबद्ध कर दिया और कहा कि आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट की पूरी सूची पेश की जाए.
स्वामी रामदेव की ओर से वरिष्ठ वकील राजीव नायर ने कोर्ट में कहा कि दशकों की मेहनत से बनी उनकी पहचान—नाम, फोटो, आवाज और व्यक्तित्व—का बिना अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है.
याचिका में कहा गया है कि कुछ अज्ञात लोग और संस्थाएं एआई से बने डीपफेक वीडियो, एडिटेड फोटो और फर्जी समर्थन दिखाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं और इससे आर्थिक लाभ कमा रहे हैं. इससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने का खतरा है.
सुनवाई के दौरान एक्स की ओर से कहा गया कि राजनीतिक टिप्पणी, व्यंग्य और सार्वजनिक अभिव्यक्ति वाले कंटेंट को एक साथ हटाने का आदेश नहीं दिया जा सकता, क्योंकि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आ सकता है.
कोर्ट ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया है कि वे उन लिंक और कंटेंट का पूरा विवरण रिकॉर्ड पर रखें, जिन पर आपत्ति है. मामले की अगली सुनवाई कल होगी.
