भोपाल, 14 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सुदर्शन चक्र कोर ने बुधवार को द्रोणाचल स्थित युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश के सेवानिवृत्त सैनिकों के सम्मान में मनाए जाने वाले सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस का आयोजन किया।
सेना की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि समारोह में तीनों सेनाओं के वरिष्ठ दिग्गजों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया और उन लोगों की बहादुरी, समर्पण और निस्वार्थ सेवा को याद किया, जिन्होंने देश की सेवा में विशिष्ट योगदान दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुदर्शन चक्र कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने सशस्त्र बलों के वरिष्ठ दिग्गजों के साथ राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की।
सभा को संबोधित करते हुए चौहान ने भारत की संप्रभुता और सुरक्षा की दृढ़ता से रक्षा करने वाले पुरुषों और महिलाओं की निस्वार्थ सेवा को सलाम किया और पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम का समापन एक संवाद सत्र के साथ हुआ, जिसमें राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण के लिए भोपाल के पूर्व सैनिकों की सराहना की गई।
सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ, फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा के सम्मान में मनाता है। वह 14 जनवरी 1953 को सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। यह दिवस याद दिलाता है कि देश के सैनिक सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज के सम्मानित और अभिन्न अंग हैं।
सुदर्शन चक्र कोर, सेना के दक्षिणी कमान के अधीन एकमात्र स्ट्राइक कोर है, जिसकी स्थापना प्रथम विश्व युद्ध के दौरान 1917 में हुई थी और 1990 में इसका पुनर्गठन किया गया। यह कोर भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता का एक मजबूत स्तंभ मानी जाती है।
भाषा ब्रजेन्द्र खारी
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