दीमापुर, 13 नवंबर (भाषा) स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के महानिदेशक अनुराग गर्ग ने मादक पदार्थों की तस्करी और इस्तेमाल को देश की ‘उभरती सुरक्षा चुनौतियों’ में से एक करार दिया।
उन्होंने चेतावनी दी कि मादक पदार्थों से प्राप्त धन का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्तपोषण, हथियारों की तस्करी और धन शोधन जैसे संगठित अपराधों में तेजी से हो रहा है।
गर्ग ने सिक्किम और पश्चिम बंगाल सहित पूर्वोत्तर राज्यों के लिए दीमापुर में आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय मादक पदार्थ निरोधक कार्यबल (एएनटीएफ) सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि इस मुद्दे के जन स्वास्थ्य, पारिवारिक कल्याण और राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं।
उन्होंने आगाह किया कि मादक पदार्थों की आसान उपलब्धता न केवल लत को बढ़ावा देती है बल्कि घरेलू हिंसा, सामाजिक अस्थिरता और राज्य पर बढ़ते स्वास्थ्य सेवा बोझ में भी योगदान देती है।
अधिकारी ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के 2019 के एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा, “युवा, जिन्हें अर्थव्यवस्था की प्रेरक शक्ति होना चाहिए, बोझ बन गए हैं। सर्वेक्षण में पाया गया कि पूर्वोत्तर के कई राज्यों में मादक पदार्थों की खपत दर राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है।”
गर्ग ने प्रवर्तन, खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के बीच ‘उत्कृष्ट समन्वय व सहयोग’ की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि एनसीबी, एक नोडल राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में राज्य-स्तरीय क्षेत्रीय मादक पदार्थ निरोधक कार्यबल के क्षमता निर्माण के माध्यम से इस तरह के सहयोग को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में क्षेत्रीय मादक पदार्थ निरोधक कार्यबल स्थापित किए गए हैं, जो राज्य स्तर पर मादक पदार्थों के खिलाफ रक्षा की पहली पंक्ति के रूप में कार्य कर रहे हैं।
भाषा जितेंद्र मनीषा
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