कासरगोड (केरल),20 जनवरी (भाषा) सुरंग अथवा क्षैतिज सुरंग कुओं के निर्माण में विशेषज्ञ के. कुनहंबू ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। क्षैतिज सुरंग कुंए पानी की कमी वाले इलाकों में बनाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि कुनहंबू (72) अपने आवास में 18 जनवरी को लटके पाए गए थे।पुलिस ने कहा, ‘‘ हमारी प्रारंभिक जांच के अनुसार,यह आत्महत्या का मामला है। हमने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।’’
उसके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं।
पुलिस ने बताया कि कुनहंबू को क्षैतिज सुरंग कुंए बनाने में महारत हासिल थी,जिसमें भूजल निकालने के लिए पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल होता है।
मंजेश्वरम स्थित गोविंदा पाई मेमोरियल गवर्नमेंट कॉलेज में भूगोल के सहायक प्रोफेसर वी गोविंदनकुट्टी ने कहा कि उन्होंने उत्तरी कासरगोड और कर्नाटक के दक्षिणी हिस्से में लगभग एक हजार सुरंगों का निर्माण किया था।
गोविंदनकुट्टी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ वह सुरंग निर्माण क्षेत्र में तब से काम कर रहे थे जब वह 14 वर्ष के थे। वे उन लोगों में थे जिन्हें सुरंग बनाने के काम में महारत हासिल थी।’’
गोविंदनकुट्टी ने कहा कि कासरगोड में तटीय क्षेत्रों में लेटराइट पहाड़ियों की मौजूदगी ऊर्ध्वाधर कुओं के निर्माण के काम को खर्चीला बनाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘भूजल का पता लगाना ही मुश्किल काम है। लोग इन दिनों इसके लिए यांत्रिक उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं लेकिन फिर भी यह मुश्किल काम है, जबकि कुनहंबू भूमि की परतों या पहाड़ी की परतों को देखकर इसका पता लगाते थे।’’
भाषा शोभना पवनेश
पवनेश
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