मंगलुरु (कर्नाटक), 26 अगस्त (भाषा) धर्मस्थल में शवों को कथित तौर पर दफनाने के दावों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को कार्यकर्ता महेश शेट्टी के उजीरे स्थित आवास की तलाशी ली।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी. एल. संतोष के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में शेट्टी को पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन फिलहाल वह जमानत पर रिहा है।
मंगलवार को हुई तलाशी के दौरान एसआईटी अधिकारियों के साथ आरोपी सी. एन. चिनैय्या भी मौजूद था।
एसआईटी अधिकारियों के अनुसार, शेट्टी ने पिछले दो महीनों से चिनैय्या को अपने घर में पनाह दी थी। बेलथांगडी अदालत से जारी तलाशी वारंट के आधार पर टीम कार्यकर्ता के आवास से जानकारी और सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि इस व्यापक जांच के तहत साक्ष्य एकत्र करने का कार्य जारी है।
पूर्व सफाईकर्मी चिन्नैया ने दावा किया था कि उसने वर्ष 1995 से 2014 के बीच धर्मस्थल में कार्य किया था, और इस दौरान उसे महिलाओं व नाबालिगों समेत कई लोगों के शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया गया था। उसके इन दावों से विवाद खड़ा हो गया था, क्योंकि इनका संकेत स्थानीय मंदिर के प्रशासकों की ओर था।
भाजपा ने मंदिर को निशाना बनाए जाने का विरोध किया था। उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने भी चेतावनी दी थी कि यदि शिकायत झूठी पाई गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर के धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े ने एसआईटी के गठन का स्वागत किया था।
भाषा
खारी मनीषा
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