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Friday, 23 January, 2026
होमदेशSIR : निर्वाचन अधिकारियों ने अमर्त्य सेन के पुश्तैनी घर से उनके दस्तावेज़ लिए

SIR : निर्वाचन अधिकारियों ने अमर्त्य सेन के पुश्तैनी घर से उनके दस्तावेज़ लिए

सेन इस समय अमेरिका में हैं. वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र और दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं.

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कोलकाता: निर्वाचन अधिकारी पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को बीरभूम जिले के बोलपुर स्थित नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के आवास पर गए और उनके आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए.

परिवार के एक सदस्य ने यह जानकारी दी.

अधिकारी सेन के पुश्तैनी घर ‘प्रतीची’ पहुंचे और अर्थशास्त्री का आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र संख्या, उनकी मां अमिता सेन का मृत्यु प्रमाण पत्र और एक पत्र एकत्र किया, जिसमें सेन ने अपने चचेरे भाई शांतभानु सेन को अपनी अनुपस्थिति में एसआईआर से संबंधित सुनवाई में उपस्थित होने के लिए अधिकृत किया था.

सेन इस समय अमेरिका में हैं. वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र और दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं.

प्रोफेसर सेन के परिवार के एक सदस्य ने बताया, ‘‘चुनाव आयोग के अधिकारियों ने प्रोफेसर सेन का आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र संख्या और उनकी मां अमिता सेन का मृत्यु प्रमाण लिया. उन्होंने वह पत्र भी ले लिया जिसमें प्रोफेसर सेन ने अपने चचेरे भाई शांतभानु को सुनवाई में पेश होने के लिए अधिकृत किया था.’’

परिवार के सदस्य ने बताया कि जब निर्वाचन अधिकारियों से पूछा गया कि क्या सेन को ‘भारत रत्न’ पुरस्कार के साथ दी गई प्रशस्ति पत्र की छायाप्रति भी एसआईआर प्रक्रिया के लिए जमा करनी है, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

निर्वाचन आयोग ने पिछले सप्ताह सेन को नोटिस जारी कर पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के तहत 16 जनवरी को उनके शांतिनिकेतन स्थित आवास पर सुनवाई करने की जानकारी दी थी.

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह नोटिस सेन के गणना प्रपत्र में एक विसंगति के कारण जारी किया गया था, जिसमें उन्हें उनकी मां अमिता सेन से संबंधित दिखाया गया था, जबकि दोनों की उम्र में 15 साल से भी कम का अंतर था.

सेन का सालों पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज किया गया था और उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में विश्व भारती स्टाफ क्लब मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला था.

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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