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Monday, 23 March, 2026
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शिंदे ने सतारा जिला परिषद चुनाव में पुलिस कार्रवाई को ‘लोकतंत्र की हत्या’ कहा

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मुंबई, 23 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने पिछले सप्ताह सतारा जिला परिषद के कुछ निर्वाचित सदस्यों के खिलाफ कथित तौर पर की गयी पुलिस कार्रवाई को ‘‘लोकतंत्र की हत्या’’ करार दिया है।

शिंदे ने अधिकारियों पर स्थानीय निकाय चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के लिए प्रशासनिक शक्ति का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

इस संबंध में विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मामले की उचित जांच करायी जायेगी और जांच निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।

सतारा जिला परिषद (जेडपी) के अध्यक्ष पद के लिए शुक्रवार को चुनाव हुए थे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रिया शिंदे सतारा जिला परिषद की अध्यक्ष निर्वाचित हुईं, जबकि शिवसेना- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) गठबंधन के पास बहुमत होने के बावजूद उनका उम्मीदवार हार गया।

भाजपा ने यह शीर्ष पद जीतने के लिए शिवसेना-राकांपा गठबंधन को मामूली मत से शिकस्त दी।

पुलिस ने मतदान से पहले कुछ जिला परिषद सदस्यों को कथित तौर पर हिरासत में ले लिया।

शिवसेना के राज्य मंत्री शमहुराज देसाई और राकांपा के राज्य मंत्री मकरंद पाटिल ने भी आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस ने चुनाव के दौरान उनके साथ बदसलूकी की। देसाई सतारा के संरक्षक मंत्री हैं।

महाराष्ट्र में ‘महायुति’ सरकार में भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राकांपा साझेदार हैं।

शिंदे ने विधानसभा में कहा, ‘‘किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को उसका मत डालने से वंचित करना लोकतंत्र की हत्या के अलावा और कुछ नहीं है। यह गंभीर अपराध है। मैंने पुलिस अधीक्षक से कोई भी लोकतंत्र विरोधी कदम न उठाने को कहा, लेकिन पुलिस ने निर्वाचित सदस्यों के साथ पेशेवर अपराधियों जैसा व्यवहार किया और उन्हें जिला परिषद परिसर से हटा दिया।’

शिंदे ने बताया कि मतदान से पहले कुछ निर्वाचित सदस्यों को सालों पुराने मामलों में हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी से तुरंत संपर्क किया लेकिन उन्होंने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मामले को पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते तक भी पहुंचाने के बावजूद स्थानीय पुलिस कुछ सदस्यों को मतदान से पहले ले गयी।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने सदन को बताया कि इस मामले की जांच करायी जायेगी और उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

महाराष्ट्र विधानपरिषद की उपसभापति नीलम गोरहे ने सरकार को इस संबंध में अधिकारी तुषार दोशी को निलंबित करने के निर्देश दिए।

भाषा प्रचेता राजकुमार

राजकुमार

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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