नई दिल्ली: ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ली अली खामेनेई की मौत के बाद शुक्रवार को दिल्ली के जोर बाग इलाके में शिया मुस्लिम समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किया.
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पोस्टर जलाए.
यह प्रदर्शन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हुआ है. 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान की जमीन पर हमला हुआ था, जिसमें खामेनेई और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौत हो गई थी. इसके बाद तेहरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई.
जवाब में ईरान ने कई अरब देशों में ड्रोन और मिसाइल हमले किए. इस बीच यह संघर्ष अब सातवें दिन में पहुंच गया है.
इससे पहले बुधवार को श्रीनगर में भी शिया समुदाय ने खामेनेई की मौत पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और शोक जताया.
बांदीपोरा और रामबन में भी विरोध प्रदर्शन हुए. रामबन में प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए—“तुम कितने हुसैनी मारोगे… हर घर से हुसैनी निकलेगा.” इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का पुतला भी जलाया.
बांदीपोरा में लोगों ने दिवंगत धर्मगुरु की तस्वीरें लेकर मार्च किया और घटना पर दुख जताया. इससे पहले बडगाम और श्रीनगर में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए गए थे.
उधर, नई दिल्ली में ईरान के दूतावास में खामेनेई की मौत पर शोक सभा आयोजित की गई. दूतावास ने शोक जताने के लिए अपना झंडा आधा झुका दिया.
वहीं, हैदराबाद में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के कॉन्सुलेट जनरल में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और सर्वोच्च नेता खामेनेई को श्रद्धांजलि दी. लोगों ने “कंडोलेंस बुक” पर हस्ताक्षर कर ईरान की जनता के प्रति समर्थन जताया.
ईरान के वाइस कॉन्सुल मोहसिन ने गुरुवार को मीडिया से कहा, “आज हमने भारतीय नागरिकों के लिए कंडोलेंस बुक खोली है, ताकि जो लोग हमारे प्रिय शहीद खामेनेई से प्रेम करते हैं, वे आकर ईरानी जनता और आयतोल्लाह खामेनेई को श्रद्धांजलि दे सकें.”
