वाराणसी (उप्र), 26 फरवरी (भाषा) ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि उन्होंने उनपर प्राथमिकी दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ भी पॉक्सो अदालत में वाद दायर कर दिया है।
शंकराचार्य ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पॉक्सो अधिनियम की धारा 22 के तहत आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ प्रयागराज की विशेष पॉक्सो अदालत में वाद दायर किया है।
उन्होंने कहा,‘‘पॉक्सो अधिनियम की धारा 22 में यह प्रावधान है कि अगर कोई आपके खिलाफ फर्जी मुकदमा करता है तो आप भी उसके खिलाफ वाद दायर कर सकते हैं।’’
शंकराचार्य ने खुद पर लगे यौन शोषण के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि माघ मेले के दौरान वह सीसीटीवी कैमरा और मीडिया के कैमरे के सामने रहे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा जिन लड़कों के यौन शोषण का आरोप लगाया गया है वे कभी उनके गुरुकुल में दाखिल तक नहीं हुए।
अपने मठ में शीश महल और ‘स्विमिंग पुल’ होने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा, ‘‘हमारा छोटा सा मठ है। उसमें 150 से 200 लोग कैसे रहते हैं। यह हम ही लोग जानते हैं। यहां कोई भी गुप्त स्थान, शीश महल अथवा स्विमिंग पुल नहीं है। जब हमारे गुरु जी यहां रहते थे तब उनको डॉक्टर ने व्यायाम करने के लिए कहा था, तब उनके लिए व्यवस्था बनाई गई थी और यह व्यवस्था अब बंद पड़ी हुई है।’’
उन्होंने ने बुधवार को आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों का राज है, वे आरोप लगाते हैं और जांच को प्रभावित करते हैं।
शंकराचार्य ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में अपने फोन पर एक व्हाट्सएप ग्रुप दिखाया और आरोप लगाया कि इसे उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष पांडेय उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी नाम के एक व्यक्ति ने बनाया है और उस ग्रुप में उनके खिलाफ मामले से जुड़ी जानकारी साझा की जा रही है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने जिन दो नाबालिग लड़कों के यौन शोषण का आरोप लगाते हुए उन पर मुकदमा दर्ज कराया है वे लंबे समय से आशुतोष के पास ही रह रहे हैं।
शंकराचार्य ने दावा किया कि दोनों लड़कों के चिकित्सा परीक्षण में उनके साथ कथित दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।
शंकराचार्य ने कहा,‘‘अगर उन बच्चों के साथ कुछ भी गलत हुआ है, तो यह उनके साथ रहने वालों ने ही किया होगा। हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं था। लेकिन अगर कोई कहानी बनाना चाहता है, तो वह कुछ भी बना सकता है।’’
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी तथा दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ पिछली 21 फरवरी को प्रयागराज के झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि पिछले साल शंकराचार्य और अन्य आरोपियों ने अपने गुरुकुल और हाल में संपन्न माघ मेले समेत धार्मिक सभाओं में एक नाबालिग समेत दो लोगों का यौन शोषण किया था।
भाषा सं सलीम राजकुमार
राजकुमार
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