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Sunday, 6 April, 2025
होमदेशदेखें कि क्या स्कूल की जमीन पर मस्जिद और दुकानों का अवैध कब्जा है : अदालत

देखें कि क्या स्कूल की जमीन पर मस्जिद और दुकानों का अवैध कब्जा है : अदालत

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नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को दिल्ली नगर निगम को निर्देश दिया कि वह इस बात की जांच करे कि क्या मस्जिद और दुकानों का वजीरपुर में एक स्कूल की जमीन पर अतिक्रमण है। अदालत ने इसके साथ ही निगम को छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये भी कहा है।

मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से कहा कि वह सेव इंडिया फाउंडेशन की ओर से दायर इस जनहित याचिका को एक प्रतिवेदन के तौर पर देखे।

एमसीडी के अधिवक्ता ने कहा कि धार्मिक संरचना स्कूल से पहले की है और किसी भी शिकायत के मामले में याचिकाकर्ता को धार्मिक समिति से संपर्क करना चाहिए था, जो अधिकृत धार्मिक संरचनाओं के ध्वस्तीकरण के मुद्दों से निपटती है।

जब अधिवक्ता ने कहा कि कथित दुकानें वास्तव में स्कूल की सीमा के बाहर स्थित ‘शेड’ है, तो पीठ ने आदेश दिया, ‘‘जैसा भी हो, याचिका में शिकायत का निवारण किया जाना चाहिए।

पीठ ने कहा, ‘‘हम निर्देश देते हैं कि रिट याचिका में किए गए कथनों को प्रतिवेदन के रूप में लिया जाएगा और इस पर एमसीडी द्वारा विचार किया जाएगा। यदि उक्त आरोपों की पुष्टि हो जाती है, तो सर्वेक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी।’’

अदालत ने कहा कि यदि धार्मिक ढांचे से संबंधित कोई अवैध निर्माण पाया जाता है तो मामले को उचित कार्रवाई के लिए धार्मिक समिति को भेजा जाना चाहिए।

अदालत ने कहा कि स्कूल में प्रवेश के लिए कथित तौर पर कुछ खुले रास्ते हैं, इसलिए छात्रों, खासकर लड़कियों की ‘उचित सुरक्षा सुनिश्चित करना’ एमसीडी का कर्तव्य होना चाहिए।

अदालत ने कहा, ‘‘चूंकि स्कूल का संचालन और प्रबंधन एमसीडी द्वारा किया जाता है, इसलिए छात्राओं के लिए समुचित सुरक्षा सुनिश्चित करना एमसीडी का कर्तव्य है। सुरक्षा बनाए रखने की आवश्यकता इसलिए अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में छात्राएं पढ़ती हैं।’’

जनहित याचिका में कहा गया है कि स्कूल की भूमि पर एक ‘ऊंची धार्मिक संरचना’ बनायी गयी है, जिसके नीचे कई दुकानें हैं। इसमें कहा गया है कि यह चौंकाने वाला अतिक्रमण है, तथा उन्हें हटाने की मांग की गई है।

भाषा रंजन प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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