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Sunday, 1 February, 2026
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किश्तवाड़ में तीन आतंकवादियों की तलाश के लिए अभियान जारी

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जम्मू, एक फरवरी (भाषा) सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के बर्फ से ढके इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को पकड़ने या मार गिराने के लिए घेराबंदी और तलाश अभियान रविवार को फिर शुरू किया।

माना जा रहा है कि शनिवार को हुई संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद आतंकवादी इसी इलाके में छिपे हुए हैं।

आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जिले में किसी भी आतंकवादी गतिविधि पर कड़ी निगरानी के लिए ग्राम रक्षा गार्ड (वीडीजी) को सतर्क कर दिया गया है।

इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “रातभर की घेराबंदी के बाद आज सुबह तलाश अभियान फिर से शुरू किया गया। छिपे हुए आतंकवादियों का पता लगाने की कार्रवाई जारी है।”

उन्होंने बताया कि आतंकवादी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं और पकड़ से दूर हैं।

अधिकारी ने कहा, ‘‘उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।’’

सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादियों को खाना और पनाह देने वालों पर भी कड़ी नजर रख रही हैं। यह अभियान पिछले कई दिन से जारी है।

अधिकारियों के अनुसार, शनिवार तड़के किश्तवाड़ जिले के डोलगाम इलाके में सेना के जवानों का आतंकवादियों से फिर से सामना हुआ जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई।

सूचना के मुताबिक, संभवत: एक आतंकवादी घायल हुआ है और ड्रोन निगरानी में कथित तौर पर खून के धब्बे दिखाई दिए हैं।

पिछले दो हफ्तों में यह चौथी बार है जब इस इलाके में आतंकवादियों से सामना हुआ।

ड्रोन और हेलीकॉप्टरों के जरिए हवाई निगरानी के साथ छात्रू-डोलगाम-दिच्छर के बर्फीले ऊंचाई वाले इलाके में जारी इस अभियान में विशेष बल, राष्ट्रीय राइफल्स, विशेष अभियान समूह और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम ने शनिवार से खोजी कुत्तों की भी मदद ली है।

अभियान के मद्देनजर सिंहपोरा, चिंगम और छात्रू वाले छह किलोमीटर के दायरे में शुक्रवार से मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं।

डोडा और उधमपुर जिलों से सटे इस इलाके में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई के बीच किश्तवाड़ में पिछले सात महीनों में छह मुठभेड़ हो चुकी हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संयुक्त अभियान दल का शनिवार तड़के डोलगाम के बर्फ से ढके ऊंचाई वाले इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों से सामना हुआ, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई।

इससे पहले 18 जनवरी को इलाके में अभियान शुरू किया गया था, जिसके दौरान मंद्राल-सिंहपोरा के पास सोनार जंगल में भीषण मुठभेड़ हुई थी। इसमें एक पैराट्रूपर शहीद हो गया था और सात सैनिक घायल हुए थे।

हालांकि, घने जंगल और दुर्गम भूभाग का फायदा उठाकर आतंकवादी फरार हो गए, लेकिन दो फुट से अधिक बर्फबारी के बावजूद सुरक्षाबलों ने उनका पीछा जारी रखा।

सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने शनिवार को किश्तवाड़ जिले का दौरा कर आतंकवाद-रोधी ग्रिड की समीक्षा की और जारी अभियानों में सैनिकों के अटूट संकल्प की सराहना की।

भाषा खारी नेत्रपाल

नेत्रपाल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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