नागरकुरनूल (तेलंगाना), 30 मार्च (भाषा) एसएलबीसी परियोजना की आंशिक रूप से ध्वस्त सुरंग में फंसे छह लोगों का पता लगाने के लिए खोज अभियान के तहत पानी निकालने और मिट्टी हटाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
सुरंग से मिट्टी को कन्वेयर बेल्ट का इस्तेमाल करके बाहर निकाला जा रहा है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि सुरंग के अंदर मौजूद स्टील, जो खोज अभियान में बाधा बन रहा था, उसे भी हटाया जा रहा है और लोको ट्रेन के जरिए बाहर ले जाया जा रहा है।
खोज अभियान की निगरानी के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी शिवशंकर लोथेती ने बचाव दल को उगादी (तेलुगु नव वर्ष) के अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने तेलुगु नववर्ष के बावजूद अपने परिवारों से दूर रहकर अभियान में शामिल बचाव कर्मियों की विशेष रूप से सराहना की।
बयान में कहा गया है कि खोज अभियान पहले दिन से ही लगातार जारी है जिसमें सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), रेलवे, सरकारी खनन कंपनी सिंगरेनी कोलियरीज के कर्मी, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-मद्रास के प्रोफेसर, राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई), भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के वैज्ञानिक, खदान कर्मी, केरल पुलिस के खोजी कुत्ते और अन्य शामिल हैं।
एसएलबीसी परियोजना की सुरंग का एक हिस्सा 22 फरवरी को ढह जाने से उसमें इंजीनियरों और मजदूरों सहित कुल आठ लोग फंस गए थे।
लापता लोगों की पहचान मनोज कुमार (उत्तर प्रदेश), श्री निवास (उत्तर प्रदेश), सनी सिंह (जम्मू और कश्मीर), गुरप्रीत सिंह (पंजाब), और संदीप साहू, जेगता जेस, संतोष साहू एवं अनुज साहू (सभी झारखंड) के रूप में हुई। फंसे हुए आठ लोगों में से दो-गुरप्रीत सिंह और मनोज कुमार के शव बरामद कर लिए गए।
भाषा आशीष रंजन
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