नई दिल्ली: इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर पूरी तरह रोक लगाने के कुछ घंटे बाद, जिसमें कानून की छात्रा आकृति चौधरी की NSA के तहत हिरासत रद्द कर दी गई थी, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नया आदेश जारी किया. इसमें सिर्फ गौतम बुद्ध नगर की जिला मजिस्ट्रेट (DM) मेधा रूपम पर लगाए गए जुर्माने वाले हिस्से पर रोक लगाई गई है.
इसका मतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का आकृति चौधरी के खिलाफ NSA का आरोप रद्द करने का आदेश बरकरार है.
जस्टिस एस.सी. शर्मा और जस्टिस एन.के. सिंह की बेंच ने मूल रूप से हाईकोर्ट के फैसले के पैराग्राफ 27 से 33 पर रोक लगाई है.
इन पैराग्राफ में DM मेधा रूपम के खिलाफ ‘सख्त टिप्पणियां’ की गई थीं. हाईकोर्ट ने ये टिप्पणियां चौधरी की एहतियाती हिरासत को मंजूरी देने के लिए DM की भूमिका को लेकर की थीं.
चौधरी पर 13 अप्रैल को नोएडा में मजदूरों की वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद हुई हिंसा भड़काने का आरोप है. उनके खिलाफ 2 सितंबर को NSA लगाया गया था.
हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि DU से ग्रेजुएट चौधरी जेल से बाहर आ जाएंगी. उनके खिलाफ इस प्रदर्शन से जुड़े मामलों में कुल 11 FIR दर्ज हैं.
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