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Monday, 3 February, 2025
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संसदीय मंत्री के अपशब्द बोलने पर राजस्थान विधानसभा में हंगामा

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जयपुर, तीन फरवरी (भाषा) राजस्थान विधानसभा में सोमवार को संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल द्वारा सदन में कतिपय असंसदीय शब्द बोले जाने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच नोकझोंक हुई।

विपक्ष का कहना था कि पटेल ने प्रश्नकाल के दौरान कतिपय आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया। भोजनावकाश के बाद सदन जब दोबारा बैठा तो विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया। मामला तब शांत हुआ जब पटेल ने खेद जताते हुए कहा कि उनकी कभी ऐसी मंशा नहीं रही।

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंत्री ओटाराम देवासी कांग्रेस विधायक चेतन पटेल द्वारा बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान के संबंध में पूछे गये सवाल का जवाब दे रहे थे।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंत्री के जवाब पर नाराजगी जताई और अपनी तरफ से कुछ सवाल पूछे। इससे सदन में सत्ता एवं विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा हुआ।

जूली ने मंत्री से कोटा के सांगोद में हुए नुकसान के आंकड़े देने को कहा। इसी बीच विधि मंत्री जोगाराम ने खड़े होकर कथित अपशब्द का इस्तेमाल किया।

भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, ‘जब सदन चल रहा था, उस वक्त नेता प्रतिपक्ष बोल रहे थे। नेता प्रतिपक्ष के बोलने पर संसदीय कार्य मंत्री ने एतराज उठाया और एतराज ही नहीं, बल्कि गाली भी दी। इससे बड़ा दुर्भाग्य कोई हो नहीं सकता है।’’

उन्होंने कहा,‘‘इससे बड़ा कोई दुर्भाग्य नहीं हो सकता कि संसदीय कार्य मंत्री नेता प्रतिपक्ष को गाली दे और यह सदन यूं ही चलता रहे।’’

इस पर पटेल ने कहा, ‘‘मेरा लंबे समय का इस विधानसभा का अनुभव रहा है। मैं सभी साथियों, चाहे विपक्ष में हों, चाहे सत्तापक्ष में, का हमेशा सम्मान और आदर करता हूं। हमारा कभी किसी की मान- मर्यादा को ठेस पहुंचाना या असंसदीय शब्द बोलने का आशय नहीं रहा।’’

उन्होंने निवेदन किया कि उनके भाषण के कथित आपत्तिजनक हिस्से को सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाए।

डोटासरा के इस पर हस्तक्षेप करने पटेल ने कहा,‘‘भविष्य में कभी भी किसी माननीय सदस्य के प्रति कोई असम्मान नहीं होगा। हम खेद महसूस करते हैं।’’

बाद में अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन के सदस्यों को निर्देश देते हुए कहा कि वे सदन की मर्यादा, परंपराओं और नियमों का पालन करें।

उन्होंने कहा, ‘अगर कुछ गलत होता है, तो हमें तुरंत उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। अगर कुछ होता है तो मुझे लगता है कि माफी मांगने में कोई बुराई नहीं है।’

सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस शुरू हुई और शाम को सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

भाषा पृथ्वी कुंज

राजकुमार

राजकुमार

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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