लखनऊ, 26 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने मंगलवार को 28 जिलों में सड़क सुरक्षा के लिए युवाओं को प्रेरित करने के वास्ते सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ‘सड़क सुरक्षा मित्र’ कार्यक्रम की शुरुआत की। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी।
बयान के अनुसार, यह कार्यक्रम कानपुर नगर, गौतमबुद्ध नगर, लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, बरेली, गोरखपुर, सहारनपुर, मथुरा, बुलंदशहर, अलीगढ़, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, कुशीनगर, बाराबंकी, जौनपुर, बदायूं, बिजनौर, आजमगढ़, फतेहपुर, मैनपुरी, फिरोजाबाद, रायबरेली, सोनभद्र, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और बस्ती जिलों में लागू किया जाएगा। इस पहल के तहत, 18-28 वर्ष की आयु के स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसमें कहा गया कि इस पहल का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, आपातकालीन प्रतिक्रिया को मजबूत करना और नागरिक सुरक्षा में सुधार लाना है।
बयान के अनुसार, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के साथ साझेदारी में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य दुर्घटनास्थल समन्वय, ब्लैक-स्पॉट ऑडिट, जागरूकता अभियान और आंकड़ा-आधारित सड़क सुरक्षा योजना में सहायता के लिए “माई भारत” मंच के माध्यम से स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित और तैनात करना है।
उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने चयनित 28 जिलों के जिलाधिकारियों को लिखे पत्र में जिला सड़क सुरक्षा समितियों (डीआरएससी) के माध्यम से कार्यक्रम के समयबद्ध कार्यान्वयन का निर्देश दिया। पत्र में 12-चरणीय कार्ययोजना के अनुरूप स्वयंसेवकों को शामिल करने, प्रशिक्षण देने और मासिक प्रदर्शन समीक्षा पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
परिवहन आयुक्त ने कहा, “सड़क सुरक्षा मित्र हमारे युवाओं की ऊर्जा को ठोस सड़क सुरक्षा परिणामों में बदलने का एक राष्ट्रीय प्रयास है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार चाहती है कि प्रत्येक जिला स्पष्ट समय-सीमा के भीतर दुर्घटनास्थल प्रबंधन, ब्लैक-स्पॉट ऑडिट और जन जागरूकता को शामिल करते हुए एक संयुक्त कार्य योजना लागू करे, ताकि दुर्घटनाओं और मौतों में कमी आए, प्रतिक्रिया समय में सुधार हो और नागरिकों की सुरक्षा मजबूत हो।’
भाषा आनन्द प्रशांत
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