श्रीनगर, 26 अगस्त (भाषा) कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार को बारिश हुई, जिससे नदियां व नाले उफना गए और प्राधिकारियों ने लोगों से पहाड़ी ढलानों और जलाशयों के आसपास जाने से परहेज करने का आग्रह किया।
अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम की बेताब घाटी में शेषनाग नाले का जलस्तर अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर 5.68 फीट को पार कर गया है और 6.02 फीट पर बह रहा है। इस नाले का बाढ़ चेतावनी स्तर 4.59 फीट है, जबकि खतरे का निशान 5.09 फीट है।
अधिकारियों के अनुसार, नाले में जलस्तर में अचानक वृद्धि से संकेत मिलता है कि क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में बादल फटने या बहुत भारी बारिश हुई होगी।
बारिश के कारण कश्मीर घाटी में दिन के तापमान में कई डिग्री की गिरावट आई हैं। वहीं अधिकारियों ने कहा कि लगातार बारिश के कारण मंगलवार शाम तक झेलम नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
उन्होंने बताया कि इसके बाद नदी का जलस्तर कम होने लगेगा और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा।
मौसम विभाग ने कहा है कि मंगलवार को कश्मीर के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की आशंका है, वहीं दक्षिणी कश्मीर के हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा होने की आशंका है।
विभाग ने कहा कि 27 से 29 अगस्त तक कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना है, जबकि 30 अगस्त से 1 सितंबर तक कश्मीर में कुछ जगहों पर मध्यम बारिश हो सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम को देखते हुए अधिकारियों ने लोगों के लिए एक परामर्श जारी किया है, जिसमें 26 अगस्त से एक सितंबर तक कश्मीर संभाग के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, बादल फटने या अचानक बाढ़ आने का अनुमान जताया गया है।
परामर्श में कहा गया है, ‘‘कश्मीर संभाग के लोगों और बाढ़-प्रवण, भूस्खलन-प्रवण और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम में सुधार होने तक ढलानों और जलाशयों के आसपास जाने से बचें।’
इसमें कहा गया है, ‘‘पर्यटक, शिकारा संचालक, रेत खननकर्ता और कश्मीर संभाग में झेलम, अन्य नदियों, झीलों और जलाशयों के निकट काम करने वाले लोग इन जलाशयों और उनकी सहायक नदियों की मौजूदा स्थिति की पुष्टि किए बिना उन्हें पार करने का प्रयास नहीं करें।’’
भाषा
अमित पवनेश
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