नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने लाल किले के निकट हुए विस्फोट के मामले में तीन डॉक्टरों और एक मौलवी समेत पांच आरोपियों को शुक्रवार को 13 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें डॉ. अदील राथर, डॉ. शाहीन सईद, डॉ. मुजम्मिल गनई, मौलवी इरफान अहमद वागे और जसिर बिलाल वानी को न्यायिक हिरासत में भेजने का अनुरोध किया था।
एनआईए ने पिछले साल 17 नवंबर को श्रीनगर में वानी को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप था कि उसने ड्रोन में बदलाव करके और रॉकेट बनाने की कोशिश करके आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की थी।
पिछले साल 10 नवंबर को लाल किले के निकट हुए विस्फोट में 15 लोगों की मौत हो गई थी।
अदालत ने दो अन्य आरोपियों, यासिर अहमद डार और नसीर बिलाल मल्ला की न्यायिक हिरासत भी बढ़ा दी।
एनआईए के अनुसार, जम्मू-कश्मीर निवासी डार, उमर-उन-नबी का करीबी सहयोगी था। नबी 10 नवंबर को लाल किले के निकट विस्फोटक से भरी कार में विस्फोट करने वाला आत्मघाती हमलावर था।
संघीय एजेंसी ने आरोप लगाया कि नसीर ने उमर-उन-नबी को रसद संबंधी सहायता प्रदान करके जानबूझकर उसे शरण दी थी और आतंकवादी हमले से संबंधित सबूतों को भी नष्ट कर दिया था।
एनआईए ने इस मामले में अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप
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