देहरादून, छह जनवरी (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में हर प्रकार की जांच के लिए तैयार है और अंकिता के माता-पिता से बातचीत करने के बाद उनकी इच्छा के अनुसार ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
विपक्षी दल अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराए जाने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
धामी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि राज्य की जनता ने संवेदनशीलता के साथ इस मुद्दे पर अपनी भागीदारी की है और अपना मत दिया है लेकिन इससे सबसे ज्यादा प्रभावित अंकिता के माता-पिता और उनका परिवार हुआ है।
उन्होंने कहा, ”मैं राज्य के मुख्य सेवक के रूप में उनके (अंकिता के) माता-पिता से बात करूंगा। उनसे बात करने और कानूनी रूप से सभी चीजों का अध्ययन करने के बाद, वे अपनी बेटी की हत्या मामले में न्याय के लिए जो भी चाहते होंगे, हम उसे आगे बढ़ाएंगे।”
कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठन अंकिता हत्याकांड में ‘वीआईपी’ के खुलासे के लिए प्रकरण की सीबीआई से जांच कराए जाने की अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
वर्ष 2022 में पौड़ी जिले के वनंत्रा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता की रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों-सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। इस मामले में तीनों आरोपियों को सत्र न्यायालय उम्रकैद की सजा सुना चुका है।
ताजा विवाद उत्तराखंड के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा हाल में सोशल मीडिया पर राठौर से उनकी कथित बातचीत के ऑडियो जारी करने से पैदा हुआ है, जिसमें सनावर ने आरोप लगाया है कि अंकिता हत्याकांड का ‘वीआईपी’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का ‘गट्टू’ नाम का एक नेता है।
एक अन्य वीडियो में सनावर ने ‘गट्टू’ का नाम भी जाहिर कर दिया है जिससे प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा हो गयी है।
भाषा
दीप्ति रवि कांत
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
