नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) आधुनिकतावादी कलाकार एसएच रज़ा के शताब्दी वर्ष का जश्न मनाते हुए धूमिमल गैलरी ने चित्रकार और एमएफ हुसैन, एफएन सूजा तथा केएच आरा सहित उनके 20 समकालीनों की कलाकृतियों की प्रदर्शनी का आयोजन किया है।
प्रदर्शनी दुनिया भर में रज़ा के शताब्दी समारोह का हिस्सा है, जिसमें फ़्रांस में सेंटर पॉम्पीडौ में उनके कार्य का ‘गतावलोकन’ भी शामिल है।
प्रदर्शनी रज़ा की उपलब्धियों के साथ-साथ प्रगतिशील कलाकार समूह में उनके समकालीनों की उपलब्धियों का भी जश्न मनाती है, जिसमें एस बाकरे और एचए गाडे शामिल हैं।
रज़ा के इर्द-गिर्द केंद्रित होने के साथ ही प्रदर्शनी समृद्ध विविध आवाज़ों और भारतीय आधुनिकतावाद को प्रभावित करने वाले प्रभावों की भी पड़ताल करती है।
कला प्रदर्शनी में रज़ा की ‘तर्पण’ (1998), ‘योनि पूजा’ (2002), ‘निधि’ (1988), ‘रात’ (1972) और ‘तूफ़ान’ (1948) सहित अन्य कृतियाँ शामिल हैं।
प्रदर्शनी 10 मार्च तक चलेगी।
भाषा नेत्रपाल पवनेश
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