भुवनेश्वर, दो मार्च (भाषा) ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में राज्यसभा चुनाव से पहले सोमवार को राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं, जहां सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस ने अपने विधायकों की अलग-अलग बैठकें कीं, जबकि विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) समर्थित ‘साझे’ उम्मीदवार, मूत्र रोग विशेषज्ञ दत्तेश्वर होता ने चुनाव प्रचार किया।
ओडिशा में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा के चुनाव में भाजपा की दो सीट पक्की हैं, जबकि विपक्षी बीजद की एक सीट निश्चित है। वहीं सबकी निगाहें चौथी सीट पर टिकी हैं, जहां नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले बीजद ने होता को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने भी उनके प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। भाजपा ने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए हैं।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि पांच मार्च के नजदीक आने के साथ ही राज्यसभा चुनाव की तैयारियों के अंतिम चरण में पहुंचने पर भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के सरकारी आवास पर बैठक की। विधायकों के अलावा, बैठक में उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मनमोहन सामल और अन्य लोग भी उपस्थित थे।
भाजपा विधायक अशोक मोहंती ने बैठक के बाद कहा, “हमने रणनीति बनाने के लिए राज्यसभा चुनाव पर विस्तृत चर्चा की । पार्टी का संसदीय बोर्ड उम्मीदवारों पर फैसला करेगा।”
बैठक में, भाजपा विधायकों ने तीन संभावित उम्मीदवारों के प्रस्तावक के रूप में नामांकन पत्रों पर हस्ताक्षर किए, जिससे संकेत मिलता है कि पार्टी तीन उम्मीदवार मैदान में उतार सकती है। वैसे उसके पास दो उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या बल है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा विधायकों को पांच मार्च को विधानसभा में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है, जब पार्टी के उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
भाजपा विधायक संतोष खटुआ ने कहा, ‘हमारी पार्टी तीन उम्मीदवार मैदान में उतारेगी और हमें जीत का पूरा भरोसा है।’
हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता उम्मीदवारों की संख्या और चुनाव जीतने की रणनीति पर चुप रहे। सामल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारी संसदीय बोर्ड अंतिम निर्णय लेगी।’’
कांग्रेस विधायक दल ने भी अपने नेता राम चंद्र कदम की अध्यक्षता में यहां एक होटल में बैठक की, जहां होता ने सभी विधायकों से चुनाव में उनका समर्थन करने की अपील की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, ‘‘हमने विधायक दल की बैठक में डॉ. होता का स्वागत किया । उन्होंने सभी से उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करने की अपील की।’’
कांग्रेस के 14 विधायकों में से 12 बैठक में शामिल हुए। रमेश जेना और सोफिया फिरदौस अनुपस्थित रहे। वरिष्ठ विधायक ताराप्रसाद बाहिनीपति ने कहा, ‘‘वे बैठक में आ रहे थे और उन्होंने विधायक दल के फैसले के प्रति सहमति व्यक्ति की है।’’
बीजद के 18 अतिरिक्त वोटों के अलावा, होता को 14 कांग्रेस विधायकों और माकपा के एक विधायक का समर्थन मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, उन्हें चुनाव जीतने के लिए आवश्यक 30 प्रथम वरीयता वोटों के मुकाबले 33 वोट मिलने की उम्मीद है।
राज्यसभा चुनाव इसलिए जरूरी हो गया है, क्योंकि ओडिशा के चार सांसद दो अप्रैल को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। सेवानिवृत्त होने वाले सांसदों में बीजद के निरंजन बिशी और मुन्ना खान तथा भाजपा के सुजीत कुमार और ममता महंता शामिल हैं।
भाषा
राजकुमार दिलीप
दिलीप
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