जयपुर, 10 दिसंबर (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी समुदाय से आधुनिक राजस्थान के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए बुधवार को कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प में इस राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका है।
शर्मा यहां पहले ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने दुनिया भर से आए प्रवासी राजस्थानियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल समारोह नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और वैश्विक पहचान का मिलन है।
उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी रहने वाले प्रवासी राजस्थानी आज भी अपनी मिट्टी से जुड़े हैं और उन्होंने देश-दुनिया में राजस्थान का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों के योगदान और उनके सम्मान के उत्सव के रूप में हमने हर वर्ष 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी दिवस मनाने की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश और प्रवासी समुदाय के जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से राजस्थान फाउंडेशन के 14 नए चैप्टर स्थापित करने की घोषणा की।
उन्होंने अगले वर्ष फिर से ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के आयोजन की घोषणा की।
उन्होंने प्रवासी समुदाय से आग्रह किया कि वे राजस्थान आएं और खुशहाल एवं आधुनिक राजस्थान के निर्माण में सहभागी बनें।
उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों के हितों के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी मामलात विभाग का गठन किया गया है। इसी क्रम में ‘प्रवासी राजस्थानी नीति’ आज जारी की गई है, जो विश्व भर में बसे राजस्थानियों को पहचान, सुविधा और निवेश के लिए रोडमैप प्रदान करेगी।
शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका है। गत वर्ष ‘राइजिंग राजस्थान समिट’ के दौरान 35 लाख करोड़ रुपये के समझौते एमओयू किए थे और आज एक लाख करोड़ रूपये के एमओयू की ‘ग्राउंड ब्रेकिंग’ के साथ ऐसे आठ लाख करोड़ रुपये के करार धरातल पर उतर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य 24 से अधिक नई नीतियों के साथ निवेश के लिए देश के सबसे पसंदीदा राज्य के रूप में उभरा है।
इस अवसर पर उन्होंने गत दो साल में राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र किया। युवाओं, किसानों व महिलाओ के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को रेखांकित किया। शर्मा ने कहा कि पिछले दो साल में 90 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं और 20 हजार नई नौकरियां शीघ्र दी जाएंगी। वहीं, 1 लाख 53 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में सुशासन, निवेश-आधारित विकास, उद्योगों को प्रोत्साहन और वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
इस अवसर पर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने प्रवासी राजस्थानियों का आह्वान किया कि वे मातृभूमि का कर्ज चुकाने यहां अधिक से अधिक निवेश करें।
केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने राजस्थान को परंपरा, आधुनिकता, विकास और विरासत के अद्भुत संतुलन वाला राज्य बताते हुए कहा कि इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकीविशाल युवा शक्ति है, जिनके दम पर यह तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है।
गोयल ने प्रदेश के नेतृत्व की निर्णय क्षमता, विश्वसनीयता और वादों को निभाने की परंपरा को राज्य की विशेष पहचान बताते हुए कहा कि राजस्थान पर भरोसा इसलिए किया जाता है क्योंकि यहां हर वादा निभाया जाता है। उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि इस संकल्प को पूरा करने में हर राजस्थानी का योगदान आवश्यक है।
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि राजस्थान के विकास में प्रवासी राजस्थानियों का योगदान ऐतिहासिक और अनुकरणीय रहा है।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर पूरी निष्ठा से काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य राज्य की आर्थिक मजबूती, व्यापार में सुगमता और निवेश को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल व टाटा पावर के सीईओ प्रवीर सिन्हा ने भी विचार रखे। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकार को संदेश के माध्यम से प्रवासी राजस्थानी दिवस के आयोजन के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम में देश-विदेश में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने पर प्रवासी राजस्थानी अनिल अग्रवाल, कुमार मंगलम बिड़ला, विनीत मित्तल, अजय पीरामल, माधव सिंघानिया, पूनमचंद राठी, नरसी कुलरिया, सी.एम. मूंदड़ा और प्रदीप राठौड़ को ‘प्रवासी राजस्थानी सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
भाषा पृथ्वी रंजन
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