जयपुर, 20 जनवरी (भाषा) राजस्थान विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने मंगलवार को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएमएसएसबी) के तकनीकी प्रमुख सहित पांच लोगों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणामों में हेरफेर करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आरोपियों में संजय माथुर भी शामिल हैं, जो उस समय राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के उपनिदेशक और प्रणाली विश्लेषक-सह-प्रोग्रामर थे तथा परीक्षा प्रक्रिया के तकनीकी प्रभारी भी थे। पुलिस के अनुसार, अन्य गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शादान खान, विनोद कुमार गौड़, पूनम माथुर और प्रवीण गंगवाल (बोर्ड के प्रोग्रामर) के रूप में हुई है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया कि गिरफ्तारियां वर्ष 2018 में आयोजित पर्यवेक्षक (महिला अधिकारिता), प्रयोगशाला सहायक और कृषि पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षाओं में व्यापक स्तर पर फर्जीवाड़े से जुड़ी हैं। इन तीनों भर्ती परीक्षाओं में 3,212 पदों के लिए 9.4 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।
बंसल ने बताया कि परीक्षा 2019 में हुई थी। जांच में सामने आया कि ओएमआर शीट की जांच के बाद कम्प्यूटर में वास्तविक डाटा से छेड़छाड़ कर चुनिंदा अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों में वृद्धि की गई, जिससे अयोग्य अभ्यर्थियों का चयन किया गया। बोर्ड द्वारा मूल ओएमआर शीट की फिर से जांच कराने पर परीक्षा परिणामों में गंभीर विसंगतियां पाई गईं।
एसओजी के अनुसार, इस आपराधिक साजिश में शामिल संजय ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ओएमआर शीट जांच टीम और अन्य कर्मियों से मिलीभगत कर अपने परिचित अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया।
भाषा बाकोलिया रविकांत सुरभि नेत्रपाल
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