जयपुर, 25 नवंबर (भाषा) राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर जिले में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत उपखंड अधिकारी (एसडीएम) और उनकी टीम ने दूरदराज के इलाकों में मतदाताओं तक पहुंचने के लिए ऊंट की सवारी की।
सेड़वा के एसडीएम बद्रीनारायण विश्नोई और उनकी टीम सीमावर्ती इलाके में बावरवाला सहित अनेक गांवों में पहुंची जहां घर रेत के टीलों पर दूर-दूर तक फैले हुए हैं।
उन्होंने मतदाता दस्तावेजों का सत्यापन किया और लोगों को एसआईआर प्रक्रिया का महत्व समझाया।
उन्होंने कहा, ‘यह मतदाताओं को जागरूक बनाने की ‘स्वीप’ गतिविधि का हिस्सा भी रहा। हमारी कोशिश निर्वाचन आयोग की इस प्रक्रिया को अच्छे तरीके से लागू करना है इसलिए यह गतिविधि की गई।’
एसडीएम ने कहा कि इलाके में रेत के टीले हैं जहां लोगों के घर हैं, इसलिए ऊंट की सवारी की गई।
विश्नोई ने कहा कि इस तरह की पहल से विकट हालात में काम कर रहे बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) का हौसला बढ़ता है।
रेतीले इलाके के अलावा सीमावर्ती इलाके में इंटरनेट कनेक्टिविटी भी एक चुनौती है। बीएलओ को प्रपत्र अपलोड करने के लिए उचित जगह चुननी पड़ती है। उन्होंने कहा, “तमाम मुश्किलों के बावजूद जिले में बीएलओ प्रभावी तरीके से काम कर रहे हैं।”
दूसरी तरफ राज्य में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 के अंतर्गत गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण का काम तीव्र गति से जारी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि राज्य में अब तक लगभग चार करोड़ गणना प्रपत्र वेबसाइट पर अपलोड किए जा चुके हैं। जिसके साथ राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर बरकरार है।
उन्होंने कहा कि देशभर के 12 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे एसआईआर अभियान में राजस्थान एकमात्र ऐसा राज्य है जहां 3000 से अधिक बूथों पर 100 फीसदी डिजिटलीकरण का काम पूरा किया जा चुका है।
भाषा पृथ्वी
संतोष
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