जयपुर, 27 अगस्त (भाषा) राजस्थान के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने ओपीजेएस विश्वविद्यालय के फर्जी डिग्री गिरोह मामले में लंबे समय से फरार आरोपी और पूर्व अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी संगीता कड़वासरा उर्फ भूमि इस मामले में वांछित थी और पुलिस ने उस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था।
पुलिस महानिरीक्षक (एटीएस) विकास कुमार ने बताया कि पूर्व अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी संगीता कड़वासरा ने खेल कोटे से रेलवे में नौकरी पाई थी और 2014 में तलाक के बाद नौकरी छोड़कर वह अपने पिता के साथ दिल्ली में रहने लगी। उन्होंने बताया कि बाद में चूरू के राजगढ़ स्थित ओपीजेएस विश्वविद्यालय में पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होने से पहले संगीता ने रोहतक के एक समाचार चैनल में काम किया।
अधिकारी ने बताया कि समाचार चैनल में काम करने के दौरान संगीता ने विश्वविद्यालय के मालिक जोगेंद्र सिंह के साथ कथित तौर पर मिलकर बिचौलियों के जरिए पुरानी तारीख वाली हजारों फर्जी उपाधियां छापकर मोटी रकम में बेचीं।
कुमार ने बताया कि एटीएस कई दिनों से संगीता की गतिविधियों पर नजर रख रही थी और एक टीम को पता चला कि वह दिल्ली में अपने भतीजे के किराए के फ्लैट में छिपी हुई है।
अधिकारी ने बताया कि संगीता ने खुद को फ्लैट के अंदर बंद कर लिया और दूसरों को गुमराह करने के लिए बाहर से ताला लगवा दिया।
उन्होंने बताया कि संगीता की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद एटीएस ने फ्लैट की बिजली काट दी और संपत्ति की देखभाल करने वाले व्यक्ति की मदद से अंदर घुसकर सोमवार को उसे फ्लैट में पकड़ लिया।
अधिकारी ने बताया कि इस अभियान में शामिल टीम के सभी सदस्यों को एटीएस मुख्यालय में एक विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
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