नई दिल्ली: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान कथित तौर पर संसदीय नियमों का उल्लंघन करने को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष की बार-बार दी गई व्यवस्था के बावजूद राहुल गांधी सदन की अध्यक्षता को चुनौती देते रहे और विषय से भटकते हुए चीन सीमा का मुद्दा उठाते रहे.
उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव रखा था. हम सभी विपक्ष के नेता राहुल गांधी का भाषण सुनने के लिए बैठे थे, लेकिन शुरुआत से ही राहुल गांधी ने नियमों का उल्लंघन किया और एक ऐसी किताब से उद्धरण देने लगे, जिसकी प्रकाशन जानकारी और प्रामाणिकता स्पष्ट नहीं है. रक्षा मंत्री और हम सभी ने कहा कि सदन नियमों के अनुसार चलेगा और सभी को नियमों के तहत ही बोलना चाहिए. कोई भी अध्यक्ष को चुनौती नहीं दे सकता.”
उन्होंने आगे कहा, “लोकसभा अध्यक्ष के फैसले के बाद भी राहुल गांधी वही गलती दोहराते रहे. उन्होंने आधा घंटा बर्बाद किया, नियमों का उल्लंघन किया और बार-बार वही बातें कहते रहे. फिर उन्होंने चीन सीमा पर बोलना शुरू कर दिया. क्या कांग्रेस पार्टी 1959 और 1962 में चीन द्वारा कब्जाई गई जमीन वापस ला सकती है?”
रिजिजू ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से माफी की मांग करते हुए आरोप लगाया कि वह खुद को संसद से ऊपर रखते हैं और बार-बार संसदीय नियमों का उल्लंघन करते हैं.
उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जो तय प्रक्रियाओं के तहत चलता है. रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने सदन में व्यवधान को बढ़ावा दिया और कहा कि चीन सीमा से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस के “पापों” के लिए राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए.
रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए. अगर कोई बड़े परिवार में पैदा हुआ है, तो क्या वह संसद से ऊपर है? क्या वह नियमों से ऊपर है? भारत एक लोकतांत्रिक देश है और नियमों के अनुसार चलता है. राहुल गांधी कोई नियम नहीं मानते. वह खुद को संसद से ऊपर समझते हैं. वरिष्ठ कांग्रेस नेता खड़े होकर ताली बजाने लगे. राहुल गांधी को अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करना चाहिए और अपने सांसदों को नियमों का पालन करना सिखाना चाहिए. यही मेरी उनसे अपील है. चीन सीमा के मामले में कांग्रेस के पापों के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए.”
इससे पहले दिन में, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह उस रिपोर्ट की सामग्री से “डरी हुई” क्यों है, जिसमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला दिया गया है. उन्होंने डोकलाम गतिरोध से जुड़े अंश पढ़ने पर जोर दिया और कहा कि इससे सच्ची देशभक्ति सामने आती है.
बजट सत्र के दौरान लोकसभा में तीखी बहस देखने को मिली, जब राहुल गांधी ने एक पत्रिका के लेख से उद्धरण देने की कोशिश की, जिसमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा के अंश शामिल थे.
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी ने कहा, “इसमें ऐसा क्या है, जिससे ये लोग इतना डर रहे हैं? अगर इन्हें डर नहीं है, तो मुझे इसे पढ़ने की अनुमति दी जानी चाहिए.”
राहुल गांधी के जवाब के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए आपत्ति जताई और कहा कि कांग्रेस सांसद किसी ऐसी अप्रकाशित किताब से उद्धरण नहीं दे सकते, जिसकी प्रामाणिकता अभी तक साबित नहीं हुई है.
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