शिमला, तीन जनवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश सरकार ने शनिवार को धर्मशाला के सरकारी महाविद्यालय में कार्यरत एक सहायक प्रोफेसर को 19 वर्षीय दलित युवती का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने और रैगिंग के मामले में निलंबित कर दिया। युवती की पिछले सप्ताह इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।
शिक्षा सचिव राकेश कंवर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सहायक प्रोफेसर (भूगोल) अशोक कुमार के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप को लेकर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद यह निर्णय लिया गया। आदेश के अनुसार, विभागीय जांच पूरी होने तक वह तत्काल प्रभाव से निलंबित रहेंगे।
निलंबन की पुष्टि करते हुए शिक्षा निदेशक अमरजीत शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पीड़िता 2024-25 शैक्षणिक सत्र में महाविद्यालय की बी.ए. की प्रथम वर्ष की छात्रा थी।
आदेश में कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार, अशोक कुमार की संलिप्तता को प्रथम दृष्टया नकारा नहीं जा सकता है और तथ्यों का पता लगाने के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही पर विचार किया जा रहा है।
शिक्षा निदेशक द्वारा शनिवार को यहां जारी एक आदेश में कहा गया कि सरकारी महाविद्यालय, धर्मशाला की एक छात्र की दुर्भाग्यपूर्ण मौत के मामले में तथ्य का पता लगाने/प्रारंभिक जांच करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक हरीश कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें धलियारा, बैजनाथ और नौरा स्थित सरकारी महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य सदस्य हैं।
यह समिति तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। अदालत में अग्रिम जमानत हासिल करने वाले आरोपी सहायक प्रोफेसर ने मीडिया से बातचीत में अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वह पुलिस जांच में सहयोग करेंगे।
अपनी शिकायत में, छात्रा के पिता ने आरोप लगाया कि 18 सितंबर, 2025 को उनकी बेटी को तीन वरिष्ठ छात्रों ने पीटा, जबकि महाविद्यालय के प्रोफेसर ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। लड़की का एक वीडियो सार्वजनिक हुआ, जिसमें आरोप लगाया है कि उसने सहायक प्रोफेसर के गलत व्यवहार का विरोध किया, तो उन्होंने उसका उत्पीड़न किया, उसके साथ अश्लील हरकत की, मानसिक उत्पीड़न किया और धमकी दी।
शिकायत में कहा गया है कि मारपीट और उत्पीड़न के कारण छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शिकायत में पिता ने आरोप लगाया है कि इन घटनाओं के बाद उनकी बेटी गंभीर मानसिक तनाव से पीड़ित हो गई, जिससे उसकी सेहत तेजी से बिगड़ने लगी और 26 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 (यौन उत्पीड़न), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 3(5) (समान मंशा) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम 2009 की धारा तीन के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
भाषा संतोष दिलीप
दिलीप
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