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सुप्रीम कोर्ट। दिप्रिंट
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नई दिल्ली : सर्वोच्च न्यायलय की तीन जजों की खंडपीठ ने एकमत से रफाल सौदे के हर आयाम को सही ठहराते हुए फैसले पर जहां भाजपा एक स्वर में कह रही है सत्यमेव जयते. वहीं विपक्ष अपनी जेपीसी की मांग पर अड़ा हुआ है.

कांग्रेस पार्टी का कहना है कि ‘सर्वोच्च न्यायालय ने साफ तौर पर कहा, रफाल सौदे पर जांच उनके दायरे से बाहर है. हम अब भी संसद की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग करते है जो इस रफाल स्कैम की जांच करेगी’.

इसी बात का तृणमूल कांग्रेस के सुगाता रॉय ने भी समर्थन किया. उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जो उसे सही लगा की सही है पर राजनीतिक दल जेपीसी की मांग करते है.’

वहीं इस मामले के एक याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को गलत बताया. हम बस इस पूरे मामले की जांच चाहते थे. ‘ ऐसे संकेत थे की मामले में गड़बड़ियां हुई हैं और उसकी जांच होनी चाहिए.’

इस फैसला का शोर संसद में गूंजा जहा भाजपा सांसदों ने रफाल मामले में झूठे आरोप लगाने पर माफी की मांग की. और हंगामे के बीच संसद की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. भाजपा का कहना है कि राजनीतिक फायदे के लिए रफाल पर सरकार पर आरोप लगाए जा रहे थे.

रफाल डील में अदालत के जांच की मांग की याचिका खारिज कर देने के फैसले पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- ‘मामला शुरुआत से ही साफ था और हम कह रहे थे कि कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप निराधार थे. और सिर्फ राजनीतिक लाभ उठाने के लिए थे.’

केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन राठोर की सुप्रीम कोर्ट के एक मत से किए गए फैसले ने सरकार के पक्ष को सही सिद्ध किया है. कोई पक्षपात नहीं. अदालत को दखल देने की कोई जरूरत महसूस नहीं हुई. सत्यमेव जयते!

वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा ‘ सत्यमेव जयते एक बार फिर राहुल गांधी का सफेद झूठ उजागर हुआ है. सर्वोच्च न्यायालय ने रफाल मामले में किसी जांच से इंकार किया. सारे देश से राजनीतिक फायदे के लिए झूठ बोला गया. ’

इस फैसले पर वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया और कहा, सरकार किसी भी जांच से परहेज़ नहीं करती. वहीं विपक्ष जेपीसी की मांग पर लोकसभा में नारे लगाती रही.

रफाल को भाजपा का बोफोर्स सिद्ध करने की कांग्रेस की कोशिश को धक्का लगा है पर पार्टी इस मामले को छोड़ना नहीं चाहती क्योंकि विधानसभा चुनावों में ‘चौकीदार चोर है’. इस नारे का राहुल गांधी ने खुलकर इस्तेमाल किया गया था. और तीन हिंदी पट्टी राज्यों में जीत से पता चलता है कि मामले का उसे फायदा भी हुआ.

पर अब भाजपा ने आक्रामक रूख अपनाया है और कांग्रेस के झूठ का मुद्दा उठा कर उसका आगे चुनावों मे राजनीतिक फायदा उठाने की तैयारी में है.


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