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Sunday, 25 February, 2024
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कतर की अदालत ने पूर्व भारतीय नौसेना के 8 कर्मियों की मौत की सजा को किया कम

नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और कतर की एक अदालत ने अक्टूबर में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी.

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नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि कतर की एक अदालत ने जासूसी के एक कथित मामले में भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को सुनाई गई मौत की सजा को कम कर दिया है. साथ ही सज़ा को अब जेल की शर्तों में बदल दिया गया है.

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “हमने ‘दहारा ग्लोबल’ मामले में कतर की अपीलीय अदालत के आज के फैसले पर गौर किया, जिसमें सजा कम कर दी गई है.”

नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और कतर की एक अदालत ने अक्टूबर में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी.

सभी भारतीय नागरिक दोहा स्थित ‘दहारा ग्लोबल’ कंपनी के कर्मचारी थे और उन्हें अगस्त 2022 में हिरासत में लिया गया था. बता दें कि उनके खिलाफ आरोपों को कतर के अधिकारियों ने सार्वजनिक नहीं किया था.

भारत ने पिछले महीने इस सजा के खिलाफ कतर में अपीलीय अदालत का दरवाजा खटखटाया था.

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विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “कतर में हमारे राजदूत और अन्य अधिकारी परिवार के सदस्यों के साथ आज अपीलीय अदालत में मौजूद थे. हम मामले की शुरुआत से ही उनके साथ खड़े हैं और हम उन्हें सभी कांसुलर और कानूनी सहायता देना जारी रखेंगे. हम इस मामले को कतर के अधिकारियों के समक्ष भी उठाते रहेंगे.”

विदेश मंत्रालय ने कहा कि विस्तृत फैसले की प्रतीक्षा है और वह अगले कदम के बारे में फैसला करने के लिए कानूनी टीम के साथ-साथ परिवार के सदस्यों के साथ संपर्क में है.

उसने कहा, “इस मामले की कार्यवाही की प्रकृति गोपनीय और संवेदनशील होने के कारण, इस समय कोई और टिप्पणी करना उचित नहीं होगा.”

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि मामले में विस्तृत फैसले का इंतजार है और वह कतर में कानूनी टीम के साथ निकट संपर्क में है.

इस महीने की शुरुआत में विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि मामले में दो सुनवाई हो चुकी हैं.

इसके अलावा, विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, कतर की प्रथम दृष्टया अदालत ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद के बीच हुई हालिया बैठक पर भी प्रकाश डाला और कहा कि उनके बीच समग्र द्विपक्षीय संबंधों पर अच्छी बातचीत हुई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुबई में COP28 शिखर सम्मेलन के मौके पर कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से मुलाकात की और द्विपक्षीय साझेदारी और कतर में रहने वाले “भारतीय समुदाय की भलाई” पर चर्चा की.


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