चंडीगढ़, आठ फरवरी (भाषा) पंजाब में इस साल के पहले कुछ हफ्तों में आम आदमी पार्टी (आप) के एक नेता सहित कई लोगों की हत्या की घटनाओं ने पंजाब की ‘बिगड़ती’ कानून व्यवस्था को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। राज्य में बेरोक-टोक जारी हत्याओं और जबरन वसूली की धमकियों पर रोक लगाने में ‘विफल’ रहने को लेकर विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ हमला तेज कर दिया है।
मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अपने नवीनतम बयान में कहा कि अपराधियों में कानून का डर गायब होता दिख रहा है।
हालांकि, पुलिस का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन राज्य के एक पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का मानना है कि राज्य में आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासनिक एजेंसियों को और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
जनवरी से अब तक राज्य में छह ‘हाई-प्रोफाइल’ हत्याएं हो चुकी हैं जो सार्वजनिक सुरक्षा की स्थिति को उजागर करती हैं। इनमें सबसे ताजा घटना जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लकी ओबेरॉय की हत्या और होशियारपुर में एक सेवानिवृत्त सहायक सब-इंस्पेक्टर की 62 वर्षीय पत्नी की हत्या शामिल है।
ओबेरॉय को शुक्रवार को जालंधर के मॉडल टाउन स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर एक अज्ञात हमलावर ने दिनदहाड़े गोली मार दी थी।
गैंगस्टर जोगा फोलरीवाल ने हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेता की हत्या कॉलेज अध्यक्ष पद को लेकर हुए विवाद में व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते की गई।
इस हत्या के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने सवाल उठाया कि अगर सत्ताधारी दल के नेता भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों के लिए क्या उम्मीद बची है।
शनिवार को होशियारपुर के मेहंदवानी गुजरां गांव में 62 वर्षीय रचना देवी की अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उस समय गोली मारकर हत्या कर दी, जब वह पास के एक धार्मिक स्थल पर मत्था टेककर घर लौट रही थीं।
गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के चचेरे भाई की वर्ष 2020 में की गई हत्या के मामले में आरोपी गुरविंदर सिंह की 28 जनवरी को मोहाली में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी, जिससे पूरे देश में सनसनी फैल गई।
इससे पहले, चार जनवरी को तरनतारन के वलथोआ गांव के आम आदमी पार्टी के सरपंच झरमल सिंह की एक शादी में बेहद करीब से गोली मारकर हत्या कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज में दो हमलावर शादी के कार्यक्रम स्थल में घुसते दिखे, जिनमें से एक ने बंदूक निकालकर सिंह के सिर पर गोली मारी और फिर मौके से फरार हो गया।
पटियाला में 25 जनवरी को हेड कांस्टेबल अमनदीप सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि 28 जनवरी को गुरदासपुर में दो हमलावरों ने केमिस्ट रणबीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।
हालांकि, पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने रविवार को कहा कि राज्य में अपराध दर अन्य राज्यों की तुलना में कम है और इस संबंध में आंकड़े भी प्रस्तुत किए।
उन्होंने कहा कि प्रति लाख जनसंख्या पर अपराध दर का राष्ट्रीय औसत 450 है, जबकि पंजाब में यह 227 है। उन्होंने आगे कहा कि पड़ोसी राज्य हरियाणा में यह आंकड़ा 739 है, जबकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यह 1,602 है।
पंजाब और महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक सरबदीप सिंह विर्क ने रविवार को इस बात पर जोर दिया कि हत्याओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए कानून और व्यवस्था की स्थिति पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
शनिवार को पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों के जवाब में राज्यपाल कटारिया ने कहा, ‘‘विपक्ष कहे या न कहे, आम लोगों में यह भावना है कि अपराधियों के मन में कानून का जो भय होना चाहिए, वह गायब है।’’
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के शासन में पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘हर कोई, चाहे वह व्यापारी हो या कारोबारी, असुरक्षित महसूस कर रहा है। जंगल राज है और सरकार कहीं नजर नहीं आ रही है।’’
भाषा संतोष नरेश
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