जम्मू, 13 फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने शुक्रवार को सरकार से खाद्य पदार्थों में मिलावट से निपटने के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत करने का आग्रह किया।
सदस्यों ने केंद्र शासित प्रदेश में कई जगहों पर सड़े हुए मांस और मिलावटी पनीर की बड़े पैमाने पर जब्ती पर चिंता व्यक्त की, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार से ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने को कहा।
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के विधायकों – सैफुल्ला मीर, मुबारक गुल, पीरजादा फारूक अहमद शाह और हसनैन मसूदी के संयुक्त प्रश्न का उत्तर देते हुए, स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने विधानसभा को सूचित किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दिसंबर 2025 तक जम्मू-कश्मीर में 1,676 निरीक्षणों के दौरान 29.19 लाख रुपये से अधिक मूल्य का 12,183.5 किलोग्राम से अधिक सड़ा हुआ मांस नष्ट किया गया।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा जम्मू क्षेत्र में 16.32 लाख रुपये से अधिक मूल्य का 7,665 किलोग्राम मिलावटी पनीर जब्त किया गया।
मंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश के दोनों खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं (श्रीनगर और जम्मू में स्थित) में तकनीकी कर्मचारियों की कमी को स्वीकार करते हुए कहा कि प्रत्येक में स्वीकृत 19 पदों के मुकाबले 11 पद रिक्त हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि भर्ती नियमों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद शेष 22 रिक्त पदों को भरा जाएगा।
जब मंत्री ने कई कमियों को स्वीकार किया, जिनमें सख्त कार्रवाई लागू करने के लिए पुलिस का सरकार के अधिकार क्षेत्र में न होना भी शामिल था, तो विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप किया और उनसे खाद्य सुरक्षा और खाद्य उत्पादों से संबंधित कानून में आवश्यक संशोधन लाकर इन कमियों को दूर करने का आग्रह किया।
राथर ने कहा कि जनस्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता।
भाषा शफीक दिलीप
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