scorecardresearch
Sunday, 8 February, 2026
होमदेशबिहार की नीट छात्रा की मौत के मामले में न्याय दिलाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

बिहार की नीट छात्रा की मौत के मामले में न्याय दिलाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

Text Size:

नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) बिहार की राजधानी पटना में ‘नीट’ छात्रा की संदिग्ध हालात में हुई मौत मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया।

छात्रा के परिजन को न्याय दिलाने के लिए ‘बिहार निर्भया संघर्ष समिति, दिल्ली–एनसीआर’ के बैनर तले हुए प्रदर्शन में दिल्ली-एनसीआर और बिहार से काफी संख्या में लोग जुटे।

समिति ने एक बयान में कहा कि प्रदर्शनकारियों ने इस पूरे मामले में सरकार और तंत्र को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा की नृशंस तरीके से हत्या की गई।

प्रदर्शनकारियों ने हत्या से पहले छात्रा के साथ दुष्कर्म किए जाने की भी आशंका जताई।

प्रदर्शन में मौजूद छात्रा के पिता ने कहा कि वह न्याय के लिए दर–दर भटक रहे हैं और परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।

उन्होंने देश के प्रधान न्यायाधीश से मामले का स्वतः संज्ञान लेकर मामले की जांच न्यायिक निगरानी में कराने की मांग की।

छात्रा की मां ने कहा कि वह अपनी बेटी को तो खो चुकी हैं, लेकिन देश की बाकी बेटियों की सुरक्षा के लिए वह पटना से दिल्ली तक आई हैं।

समाजसेवी उदय कुमार शर्मा ने कहा, ‘‘यह चुप रहने का नहीं, बल्कि बेटियों के न्याय के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करने का समय है। जब बेटियों के न्याय के लिए लड़ना पड़ रहा हो, तब खामोशी सबसे बड़ा अपराध बन जाती है।’’

प्रदर्शन में यह संकल्प लिया गया कि जब तक नीट छात्रा को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदर्शन में मौजूद पूर्व सांसद महाबल मिश्रा ने अदालत की निगरानी में मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की।

आचार्य जयकांत ने कहा, ‘‘सत्ता स्थायी नहीं होती, जनता सब याद रखती है। बिहार और केंद्र सरकार को यह समझना होगा कि कुर्सी किसी की जागीर नहीं है।’’

जहानाबाद निवासी नीट अभ्यर्थी गत छह जनवरी को पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित एक छात्रावास में अचेत अवस्था में पाई गई थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।

परिजनों ने अधिकारियों पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

भाषा शफीक दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments