scorecardresearch
Saturday, 15 June, 2024
होमदेशअमेज़न, फ्लिपकार्ट के खिलाफ देश भर के कारोबारियों का प्रदर्शन, मनाएंगे राष्ट्रीय विरोध दिवस

अमेज़न, फ्लिपकार्ट के खिलाफ देश भर के कारोबारियों का प्रदर्शन, मनाएंगे राष्ट्रीय विरोध दिवस

बुधवार को अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-वाणिज्य कंपनियों के अनैतिक एवं अनुचित कारोबारी तौर तरीकों के खिलाफ कारोबारी विरोध प्रदर्शन करेंगे.

Text Size:

नई दिल्ली: देश भर के 700 से अधिक शहरों में कारोबारी बुधवार को अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-वाणिज्य कंपनियों के अनैतिक एवं अनुचित कारोबारी तौर तरीकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे.

व्यापारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने मंगलवार को एक बयान में इसकी जानकारी दी.

कैट ने पहले भी कई बार आरोप लगाया है कि ये कंपनियां कानून का दुरुपयोग कर रही हैं और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के प्रावधानों का उल्लंघन कर रही हैं.

कैट ने कहा कि कारोबारी 700 से अधिक शहरों में प्रदर्शन करेंगे और 20 नवंबर को ‘राष्ट्रीय विरोध दिवस’ के रूप में मनायेंगे.

कैट ने कहा कि दिल्ली में सदर बाजार में दोपहर साढ़े 11 बजे से डेढ़ बजे के दौरान धरना दिया जायेगा.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

व्यापारियों के संगठन ‘कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट)’ ने रविवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को भेजे एक पत्र में ई-वाणिज्य और खुदरा बाज़ार को व्यवस्थित करने के लिए उत्पादों की न्यनतम मूल्य प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया है.

कैट की यहां जारी विज्ञप्ति में इसकी जानकारी देते हुये कहा गया है कि सरकार की एफडीआई नीति के रहते और सरकार द्वारा बार-बार सख्त चेतावनी दिये जाने के बावजूद अमेजन एवं फ्लिपकार्ट सहित विभिन्न ई-वाणिज्य कंपनियों ने अपनी अनैतिक और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं को जारी रखते हुए देश के ई-वाणिज्य एवं खुदरा बाजारों को बुरी तरह विकृत कर दिया है.

देश भर के व्यापारियों का स्पष्ट मत है कि अगर इन कंपनियों को अपने वर्तमान कारोबारी स्वरूप को जारी रखने की अनुमति दी जाती है तो वे दिन दूर नहीं जब ये कंपनियां ईस्ट इंडिया कंपनी के दूसरे संस्करण के रूप में उभरेंगी जो न केवल खुदरा व्यापार के लिए हानिकारक होगा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी खतरनाक साबित होगी.

share & View comments