कोलकाता, 11 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल के मंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता पार्थ भौमिक ने विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ सदन में उन्हें ‘‘धमकी’’ देने के लिए शनिवार को एक विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया।
भौमिक ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें एक महीने के भीतर जेल भेजने की धमकी दी है।
विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने कहा कि प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है और मामले पर गौर करने के लिए इसे विशेषाधिकार समिति को भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट अगले सत्र में सदन के पटल पर रखी जाएगी।
गौरतलब है कि हाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं को कथित स्कूल नौकरी घोटाले और पशु तस्करी के मामलों में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किया गया था।
भौमिक ने कहा, ‘‘एक विधायक और वह भी विपक्ष के नेता की ओर से इस तरह की टिप्पणी अस्वीकार्य है। लेकिन यह पहली बार नहीं है, जब उन्होंने इस तरह की टिप्पणी की है। उन्होंने पहले भी कुछ विधायकों को धमकी दी थी कि उन्हें सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा।’’
विशेषाधिकार प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के मुख्य सचेतक मनोज तिग्गा ने दावा किया कि जब भाजपा के विधायकों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है तो ऐसे नोटिस स्वीकार नहीं किए जाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब सदन में भाजपा विधायकों को अपशब्द कहे जाते हैं तो विपक्ष के नेता (एलओपी) को बोलने नहीं दिया जाता। विधानसभा अध्यक्ष हमारे विशेषाधिकार प्रस्ताव को कभी स्वीकार नहीं करते। एलओपी ने कुछ भी गलत नहीं किया है।’’
विधानसभा अध्यक्ष ने आगाह किया था कि इस तरह की टिप्पणी सदन के अंदर नहीं की जानी चाहिए।
अध्यक्ष के हस्तक्षेप की मांग करते हुए भौमिक ने कहा था कि वह भाजपा नेता की टिप्पणियों के कारण अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं।
भाषा देवेंद्र वैभव
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