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Friday, 16 January, 2026
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बिहार में सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर लगेगा प्रतिबंध: नीतीश कुमार

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बेतिया, 16 जनवरी (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर जल्द ही प्रतिबंध लगाया जाएगा और इसके लिए सरकार एक अलग नीति बनाएगी।

पश्चिम चंपारण जिले से शुरू हुई ‘समृद्धि यात्रा’ के पहले दिन एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार, सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए नयी नीति तैयार करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। यह नीति राज्य में सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर भी रोक लगाएगी।’’

नवंबर में भारी बहुमत से सत्ता में लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने दूरस्थ पश्चिम चंपारण जिले से राज्यव्यापी यात्रा की शुरुआत की। इस दौरान उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा तथा उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल भी मौजूद थे।

यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने बेतिया में 182 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत की।

कुमार ने कहा, ‘‘नवंबर 2005 में बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनी थी और तब से राज्य में कानून का राज कायम है तथा बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। सरकार शुरू से ही विकास के लिए प्रतिबद्ध रही है, विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार पर ध्यान दिया गया।’’

उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवाएं और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अब औसतन हर महीने राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 11,600 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। पहले बिहार में केवल छह मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 12 हो गई है। शेष 27 जिलों में भी नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण किया जा रहा है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का लाभ समाज के सभी वर्गों को मिला है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं की पेंशन बढ़ाई है। इसके साथ ही पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वर्ष 2013 में राज्य पुलिस बल में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिससे बिहार देश में सर्वाधिक महिला पुलिसकर्मियों वाला राज्य बन गया।’’

भाषा कैलाश खारी

खारी

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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