पणजी, 14 जुलाई (भाषा) राष्ट्रपति चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने गोवा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा उसके सहयोगी दलों के विधायकों और सांसदों से बृहस्पतिवार को मुलाकात की।
विपक्षी कांग्रेस ने आज विधायकों को मुर्मू से मिलने जाने देने के लिए कुछ समय तक सदन की कार्यवाही स्थगित करने के विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय पर सवाल उठाए।
मुर्मू 18 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए होने जा रहे चुनाव को लेकर समर्थन मांगने आज सुबह गोवा पहुंचीं।
केंद्रीय मंत्री एवं उत्तरी गोवा के सांसद श्रीपद नाइक, राज्यसभा सदस्य विनय तेंदुलकर और भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष सदानंद शेत तानवाड़े ने दाबोलिम हवाई अड्डे पर मुर्मू की अगवानी की। हवाई अड्डे से मुर्मू होटल गईं, जहां उन्होंने विधायकों तथा सांसदों से मुलाकात की।
गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 20 विधायक, उसके सहयोगी दल महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी) के दो विधायक, सत्ताधारी दल को समर्थन दे रहे तीन निर्दलीय विधायक और नाइक तथा तेंदुलकर बैठक में शामिल हुए।
विपक्षी दलों ने 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में यशवंत सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है।
मुर्मू, झारखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं। अगर वह चुनाव जीत जाती हैं, तो राष्ट्रपति बनने वाली वह पहली आदिवासी महिला होंगी।
इस बीच, गोवा विधानसभा के अध्यक्ष रमेश तावड़कर ने दोपहर के भोजनावकाश से पहले सदन की कार्यवाही ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी और कहा कि राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू राज्य की यात्रा पर हैं। वहीं, विपक्षी सदस्यों ने तावड़कर के इस कदम को ”लोकतंत्र की हत्या” करार दिया।
नेता प्रतिपक्ष संकल्प अमोनकर ने पत्रकारों से कहा, ”द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति चुनाव के लिए महज एक उम्मीदवार हैं। वह भारत की राष्ट्रपति नहीं हैं कि उनके साथ होने वाली मुलाकात के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाए।”
अमोनकर ने कहा कि वह दोपहर के भोजनावकाश के बाद इस विषय को सदन में उठाएंगे।
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