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कोलकाता, 28 मार्च (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 19वीं सदी में स्वामी विवेकानंद द्वारा स्थापित रामकृष्ण मिशन के वैश्विक मुख्यालय बेलूर मठ का मंगलवार को दौरा किया।
मुर्मू पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस के साथ सुबह करीब आठ बजकर 45 मिनट पर मठ में पहुंचीं।
मिशन के महासचिव स्वामी सुविरानंदजी महाराज और राज्य के मंत्री बीरबाहा हांसदा ने मुर्मू की अगवानी की।
एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू ने रामकृष्ण के मंदिर और मां शारदा देवी मंदिर, स्वामी विवेकानंद के कक्ष और उनके स्मारक का दौरा किया।
राष्ट्रपति ने बैटरी द्वारा चलने वाले वाहन से मठ परिसर का दौरा किया। वह सुबह करीब नौ बजकर 20 मिनट पर मठ से रवाना हुईं।
मिशन के प्राधिकारियों ने मुर्मू को एक साड़ी और फलों तथा मिठाइयों की एक टोकरी भेंट की।
राष्ट्रपति की सुरक्षा के मद्देनजर आज सुबह 10 बजे तक मठ सभी अन्य पर्यटकों के लिए बंद रहा।
बेलूर मठ जाना राष्ट्रपति के दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे का हिस्सा था। राष्ट्रपति बनने के बाद मुर्मू के राज्य के पहले दौरे के मद्देनजर शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गयी।
अपने दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति कोलकाता में यूको बैंक के 80 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह में शिरकत करेंगी।
उनका विश्व विख्यात कवि रबींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित विश्व भारती विश्वविद्यालय के वार्षिक दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए बाद में शांतिनिकेतन का दौरा करने का भी कार्यक्रम है।
मुर्मू सोमवार को कोलकाता पहुंची थीं और उन्होंने नेताजी भवन का दौरा किया था जहां भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के नायक सुभाष चंद्र बोस रहते थे। वह उत्तरी कोलकाता में टैगोर के पैतृक घर जोरासांको ठाकुरबाड़ी भी गयी थीं।
मुर्मू को शाम को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा नेताजी इनडोर स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मानित किया गया जहां राज्यपाल और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं।
भाषा
गोला मनीषा
मनीषा
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