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बजट सत्र को संबोधित करते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद/ फोटो- दूरदर्शन
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नई दिल्ली: आज से संसद में बजट सत्र शुरू हो गया है. मोदी सरकार का यह आखिरी बजट होगा, सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से हुई जिसमें उन्होंने कहा कि हमारा देश गांधी जी के सपनों के अनुरूप, नैतिकता पर आधारित समावेशी समाज का निर्माण कर रहा है. बजट सत्र को संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा कि इस सदी में पहली बार लोकसभा के लिए मतदान करने वाले युवाओं को, मैं इस सदन के माध्यम से अपनी शुभकामनाएं देता हूं. भारत का नागरिक होने के नाते, अब वे अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे और देश की नीति एवं निर्णयों की दिशा तय करेंगे.

इस वर्ष हमारा देश, 21वीं सदी के सशक्त, स्वावलंबी और समृद्ध नए भारत के लिए एक निर्णायक दिशा तय करेगा. इस वर्ष आम चुनावों के रूप में लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव मनाया जाएगा. हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि भारत आज, विश्व-व्यापी सौर ऊर्जा क्रांति का नेतृत्व कर रहा है. पिछले वर्ष इंटरनेशनल सोलर एलायंस की पहली महासभा की बैठक सफलता पूर्वक दिल्ली में आयोजित की गई.

यह मेरी सरकार की राजनयिक सफलता है कि आज भारत की आवाज वैश्विक मंचों पर सम्मान के साथ सुनी जाती है। भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया और आज यह दिवस पूरे विश्व में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है.

कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान में नोटबंदी का फैसला एक महत्वपूर्ण कदम था. इस फैसले ने कालेधन की समानांतर अर्थव्यवस्था पर प्रहार किया और वह धन, जो व्यवस्था से बाहर था, उसे देश की अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया. जनधन योजना की वजह से आज देश में 34 करोड़ लोगों के बैंक खाते खुले हैं और देश का लगभग हर परिवार बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ गया है.

आज जनधन खातों में जमा 88 हजार करोड़ रुपए इस बात के गवाह हैं कि कैसे इन खातों ने बचत करने का तरीका बदल दिया है. वहीं उन्होंने कहा कि ‘बेनामी संपत्ति कानून’, ‘प्रिवेन्शन ऑफ मनी लांडरिंग एक्ट’ और आर्थिक अपराध करके भागने वालों के खिलाफ बने कानून के तहत 50 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई हो रही है.

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में 18 हजार से अधिक गांव ऐसे थे, जहां बिजली नहीं पहुंची थी. आज देश के हर गांव तक बिजली पहुंच गई है. ‘प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना’के तहत अब तक 2 करोड़ 47 लाख घरों में बिजली का कनेक्शन दिया जा चुका है. वहीं देश तेजी वर्ष 2014 में देश में मात्र 59 ग्राम पंचायतों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंच पाई थी. आज एक लाख 16 हजार ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फायबर से जोड़ दिया गया है तथा लगभग 40 हजार ग्राम पंचायतों में वाई-फाई हॉटस्पॉट लगा दिए गए हैं . मेरी सरकार ने 22 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एम.एस.पी. को फसल की लागत का डेढ़ गुना से अधिक करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है. इसके साथ ही, किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है.

उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान’ के तहत देश के 50 करोड़ गरीबों के लिए गंभीर बीमारी की स्थिति में, हर परिवार पर प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक के इलाज खर्च की व्यवस्था की गई है. सिर्फ 4 महीने में ही इस योजना के तहत 10 लाख से ज्यादा गरीब अपना इलाज करवा चुके हैं.यही नहीं उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना’ के तहत देश भर में अब तक 600 से ज्यादा जिलों में 4,900 जन औषधि केन्द्र खोले जा चुके हैं. इन केन्द्रों में 700 से ज्यादा दवाइयां बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं.

सिर्फ 1 रुपया महीना के प्रीमियम पर ‘प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना’ और 90 पैसे प्रतिदिन के प्रीमियम पर ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’ के रूप में लगभग 21 करोड़ गरीब भाई-बहनों को बीमा सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है
तमिलनाडु के मदुरै से लेकर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा तक और गुजरात के राजकोट से लेकर असम के कामरूप तक, नए ‘एम्स’ बनाए जा रहे हैं. गांवों में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए बीते चार वर्षों में मेडिकल की पढ़ाई में 31 हजार नई सीटें जोड़ी गई हैं.

पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार की ग्रामीण आवास योजनाओं के तहत 1 करोड़ 30 लाख से ज्यादा घरों का निर्माण किया जा चुका है. जबकि वर्ष 2014 के पहले, पांच साल में, सिर्फ 25 लाख घरों का ही निर्माण हुआ था.
वर्ष 2014 में 18 हजार से अधिक गांव ऐसे थे, जहां बिजली नहीं पहुंची थी. आज देश के हर गांव तक बिजली पहुंच गई है. ‘प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना’ के तहत अब तक 2 करोड़ 47 लाख घरों में बिजली का कनेक्शन दिया जा चुका है.


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