अररिया, 26 फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में ‘‘अतिक्रमण’’ हटाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का बृहस्पतिवार को आह्वान किया और इस क्षेत्र के ‘‘घुसपैठ’’ के लिहाज से संवेदनशील होने पर जोर दिया।
ये निर्देश अररिया समाहरणालय में आयोजित बैठक में दिए गए, जिसमें सीमावर्ती छह अन्य जिलों – पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सुपौल, सीतामढ़ी, किशनगंज और मधुबनी – के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा गृह मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय के अधिकारी भी उपस्थित थे।
इससे पहले दिन में शाह ने अररिया के सिकटी प्रखंड में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 175 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में ‘‘घुसपैठ’’, ‘‘जनसांख्यिकीय बदलाव’’ और ‘‘अतिक्रमण’’ को लेकर चिंता जताई।
बुधवार को बिहार पहुंचे गृह मंत्री ने कहा, “तीन दिनों के दौरान हम सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में सभी अतिक्रमण हटाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने का प्रयास करेंगे। इसे गृह मंत्रालय, जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और संबंधित जिलों के अन्य अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से पूरा किया जाएगा।”
अररिया समाहरणालय की बैठक के बाद शाह ने ‘वाइब्रेंट विलेज 2’ कार्यक्रम की समीक्षा की। यह 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता प्राप्त योजना है, जिसका उद्देश्य ‘‘अंतरराष्ट्रीय स्थलीय सीमाओं’’ के निकट स्थित ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करना है। शाह का तीन दिवसीय बिहार दौरा शुक्रवार को समाप्त होगा। इस दौरान वह वापसी उड़ान से पहले पड़ोसी जिला पूर्णिया में अधिकारियों के साथ बैठक कर सकते हैं। भाषा कैलाश सिम्मी
सिम्मी
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