मंगलुरु, 25 जून (भाषा) कर्नाटक के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बी रामनाथ राय ने शनिवार को कहा कि राजनीतिक मकसद से राज्य की स्कूली पाठ्य पुस्तकों में संशोधन करने का फैसला किया गया।
राय ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि संशोधित पाठ्य पुस्तकों के माध्यम से ‘बच्चों के मन में जहर बोने’ के लिए सरकार राज्य शिक्षा विभाग का दुरुपयोग कर रही है।
राय ने आरोप लगाया कि पाठ्य पुस्तकों के संशोधन के नाम पर गंदी राजनीति की जा रही है। नई पाठ्य पुस्तकों से श्री नारायण गुरु, बसवन्ना, रानी अब्बक्का और कय्यार किन्हना राय जैसे दूरदर्शी लोगों पर केंद्रित अध्याय गायब हैं।
राय ने आरोप लगाया कि समीक्षा समिति का प्रयास भाजपा द्वारा निर्धारित राजनीति से पाठ्य पुस्तकों के माध्यम से बच्चों से परिचित कराना है।
कांग्रेस नेता ने विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों की कमी के लिए भी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में पाठ्यपुस्तकें नहीं पहुंची हैं, लेकिन वहां कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों को ड्रेस स्कूल बैग और साइकिल मुहैया कराने में विफल रही है। राय ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस सरकार थी, तब सर्व शिक्षा अभियान के तहत दक्षिण कन्नड़ जिले के लिए 80 करोड़ रुपये मंजूर किए थे।
राय ने कहा कि राज्य में कांग्रेस ने बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन योजना शुरू करने के अलावा ‘नाली काली’ और ‘विद्या सिरी’ जैसे कार्यक्रम भी शुरू किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को बच्चों की शिक्षा की परवाह नहीं है, बल्कि उसकी दिलचस्पी केवल ‘कमीशन’ परियोजनाओं में है।
भाषा संतोष माधव
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