जयपुर, एक मार्च (भाषा) कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने अपनी पार्टी को “मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस” कहने संबंधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इस पद पर आसीन व्यक्ति को यह भाषा शोभा नहीं देती।
रविवार को पत्रकारों से बातचीत में पायलट ने कहा कि प्रधानमंत्री का अजमेर में एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया बयान सत्य से बहुत दूर है।
उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों में होने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर की गई प्रतीत होती है।
पायलट ने कहा कि प्रधानमंत्री किसी भी मंच से अपने 11 साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड नहीं दे रहे हैं और बेरोजगारी व किसानों की चिंताओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात करने से बच रहे हैं।
एआई सम्मेलन में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध पर पायलट ने कहा कि असहमति जताना लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, “प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना असहमति सहन न कर पाने की स्थिति को दर्शाता है।”
पश्चिम एशिया की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए पायलट ने कहा कि भारत सरकार को वहां फंसे राजस्थान के लोगों समेत भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “क्षेत्र में हो रहीं घटनाएं चिंताजनक हैं और भारत को शांति प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। युद्ध किसी के हित में नहीं है।”
भाषा
बाकोलिया रवि कांत जोहेब
जोहेब
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