नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए दुनिया के सबसे बडे गठबंधन यानी पार्टनरशिप फॉर मैटरनल, न्यूबॉर्न एंड चाइल्ड हेल्थ (पीएमएनसीएच) 11 और 12 अक्टूबर को वर्चुअल रूप से किशोरों के लिए वैश्विक सम्मेलन का आयोजन करेगा। जिससे किशोरों की विभिन्न क्षेत्रीय आवश्यकताओं को पूरा करने की योजना बनाए जा सके।
पीएमएनसीएच बोर्ड की अध्यक्ष हेलेन क्लार्क ने सोमवार को कहा कि यह मंच जो दुनिया का सबसे बड़ा मंच होगा। बहु-वर्षीय अभियान के भीतर एक महत्वपूर्ण प्रेरक क्षण होने वाला है। ‘1.8 बिलियन यंग पिपल फॉर चेंज’ (बदलाव के लिए 1.8 अरब युवा) ने युवाओं की भलाई के लिए एक वैश्विक आंदोलन को उत्प्रेरित किया है।
उन्होंने कहा कि यह मंच, सभी निर्वाचन क्षेत्रों की समन्वित प्रतिबद्धताओं और सामुदायिक स्तर पर कार्रवाई करने के लिए वैश्विक मंच के साथ जुड़े 50 से अधिक राष्ट्रीय आयोजनों के माध्यम से किशोर कल्याण को आगे बढ़ाएगा।
क्लार्क ने कहा,” आज युवाओं को बहुत सी चुनौतियों की सामना करना पड़ रहा जो उन्होंने नहीं बनाई है। युवा लड़कियां 15 से 19 वर्ष की आयु में प्रसव के दौरान मर रही हैं जबकि दुनिया भर में कई लोग मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। सभी देशों को आज युवाओँ के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान निकालने की आवश्यकता है। तत्काल कार्रवाई का आह्वान करना है और अब कार्य करने का समय है।”
हाल ही में जारी ‘शीघ्र जन्म लेने वाले’ शीर्षक रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2020 में समय से पहले जन्म के लगभग आधे मामले भारत, पाकिस्तान, नाइजीरिया, चीन और इथियोपिया में थे। क्लार्क ने कहा कि यह माता और नवजात की स्वास्थ्य को लेकर होने वाली प्रगति की चिंताजनक स्थिरता को उजागर करता है।
पिछले कुछ वर्षों में पीएमएनसीएच में भारत सरकार द्वारा निभाई गई भूमिका पर क्लार्क ने कहा, ”पीएमएनसीएच की जड़ें भारत में हैं और भारत सरकार ने वर्ष 2005 में इसकी स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जिसमें सुरक्षित मातृत्व, नवजात स्वास्थ्य और बाल अस्तित्व पर आधारित तीन अलग-अलग साझेदारियों के तहत 80 संगठनों को एक साथ लाया गया था।” उस दौरान जारी दिल्ली घोषणापत्र ने पीएमएनसीएच के दृष्टिकोण और लक्ष्यों को मजबूत किया।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 20 जून को पीएमएनसीएच के सहयोग से जी20 के सह कार्यक्रम युवाओं का स्वास्थ्य-देश की निधि का आयोजन किया गया था। वहीं 21-22 जून को पीएमएनसीएच बोर्ड दिल्ली में मिला था।
दिल्ली में 9-10 सितंबर को होने वाला 18वां G20 राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों का शिखर सम्मेलन एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा, पीएमएनसीएच महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए निवेश के प्रति प्रतिबद्धता देखना चाहेगा।
क्लार्क ने कहा,” किशोरों के लिए लिए 11-12 अक्टूबर, 2023 को होने वाले आगामी वैश्विक सम्मेलन के साथ, बोर्ड की बैठक में किशोरों की भलाई के लिए प्रतिबद्धता में वृद्धि की भी मांग की गई है। इसका उद्देश्य 1.8 अभियान से युवाओं की जरूरतों और प्राथमिकताओं की दृश्यता को बढ़ाना है..।”
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माधव
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