नरेंद्र मोदी। पीटीआई
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ब्यूनस आयर्स: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि अब वक्त आ गया है कि विकासशील देशों की प्राथमिकता को भी जी-20 के एजेंडा में शामिल किया जाए. यहां चल रहे जी-20 देश के सम्मेलन से इतर ब्रिक्स नेताओं की एक अनौपचारिक बैठक में मोदी ने कहा, ‘जी-20 सम्मेलन में हमारे आपसी सहयोग का आधार मज़बूत होना है. इस समूह की अगुवाई विकासशील देश द्वारा की जा रही है. यह एक अच्छा अवसर है, विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को भी जी-20 के एजेंडा में प्राथमिकता दी जानी चाहिए.’

उन्होंने वैश्वीकरण और बहुपक्षवाद में सुधार के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया.

मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के आतंकवादरोधी नेटवर्क को मज़बूत बनाने की सिफारिश की और ब्रिक्स और जी-20 देशों को उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए साथ मिलकर काम करने की गुज़ारिश की.

मोदी ने कहा, ‘आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादरोधी नेटवर्क को मज़बूत किया जाना चाहिए और इस उद्देश्य के लिए ब्रिक्स और जी-20 देशों को साथ मिलकर काम करने की ज़रूरत है.’

मोदी ने कहा, ‘वित्तीय घोटालेबाज़ो और भगोड़ों के खिलाफ भी मिलकर काम करने की ज़रूरत है. यह समस्या वैश्विक वित्तीय स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा बन सकती है.’

शी, पुतिन, मोदी त्रिपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर सहमत

चीन, रूस और भारत के नेताओं के बीच एक अनौपचारिक बैठक में सहयोग विचारों का गहन आदान-प्रदान हुआ. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समन्वय मज़बूत करने, आपसी सहमति बनाने और संयुक्त रूप से वैश्विक शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने के लिए आपसी सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा हुई.

जी20 सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार त्रिपक्षीय बैठक की.

भारत ने भगोड़े आर्थिक अपराधियों से निपटने के लिए 9 सूत्रीय एजेंडा पेश किया

भारत ने भगोड़े आर्थिक अपराधियों से निपटने, उनकी पहचान, प्रत्यर्पण और उनकी संपत्तियों को जब्त करने के लिए जी-20 देशों से एक मजबूत और सक्रिय सहयोग मांगा है. जी -20 शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र में आर्थिक अपराधियों के खिलाफ नौ-सूत्रीय एजेंडा पेश करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भगोड़े आर्थिक अपराधियों को प्रवेश देने और सुरक्षित पनाहगाह पाने से रोकने के लिए सदस्य देशों द्वारा संयुक्त प्रयास से एक तंत्र व प्रक्रिया बनाने की आवश्यकता है.

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जी-20 फोरम को अपने देश में लिए गए भारी कर्ज को चुकाए बिना दूसरे देशों में पनाह लेने वाले आर्थिक अपराधियों की संपत्तियों की पहचान करने के लिए काम शुरू करने पर विचार करना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘कानूनी प्रक्रियाओं में सहयोग जैसे कि अपराधियों की संपत्ति को जब्त करना और उनके स्वदेश प्रत्यर्पण को सुनिश्चित किया जाना चाहिए.’

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के सिद्धांतों (यूएनसीएसी) और अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराध (यूएनओटीसी) के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संधिपत्र, विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से संबंधित सिद्धांतों को पूरी तरह से और प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए.

ब्रिक्स नेताओं का डब्ल्यूटीओ सुधार पर साझा रुख

ब्रिक्स देशों के नेताओं ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में सुधार पर साझा रुख का ऐलान किया. ब्राजील के राष्ट्रपति मिशेल टेमर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने जी20 सम्मेलन से इतर एक अनौपचारिक बैठक की, जिसके बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया.

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, ब्रिक्स देशों के बीच सहमति बनी कि दस्तावेज़ के अनुरूप बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को पूर्ण समर्थन दिया जाना चाहिए और यह सुनिश्ति हो कि व्यापार पारदर्शी, बिना किसी भेदभाव के, खुला और समावेशी हो.

इस दस्तावेज़ में डब्ल्यूटीओ के सभी सदस्यों से आह्वान किया गया कि वे एकपक्षीय प्रणाली और संरक्षणवाद का विरोध करें.

जी20 सम्मेलन में वैश्विक नेताओं का जमावड़ा

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मॉरिसियो मैक्री ने 13वें जी20 सम्मेलन में सदस्य देशों के प्रमुखों और सरकार के प्रतिनिधियों का स्वागत किया. मैक्री ने कहा,’यह सम्मेलन हमारे देश के लिए एक अभूतपूर्व कार्यक्रम है. यह हमारे देश के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि कई वैश्विक नेता एक ही समय पर मौजूद हैं.’

(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)


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