नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को उस जनहित याचिका पर सुनवाई की जिसमें पुलिस को कथित साइबर अपराध के लिए एक प्राथमिकी दर्ज करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी कानून के संबंधित प्रावधान लागू करने के वास्ते आवश्यक दिशा निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने दिल्ली सरकार के वकील को पीएचडी शोधार्थी अनन्या कुमार की याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि वह उन लोगों के लिए लड़ रही हैं जो सूचना प्रौद्योगिकी कानून, 2000 के विभिन्न प्रावधानों को सही अर्थों में लागू न करने के कारण पीड़ित हैं।
याचिका में कहा गया है, ‘‘ज्यादातर वक्त जब भी पीड़ित शिकायतकर्ता साइबर अपराध में कानूनी कार्रवाई के लिए दिल्ली में पुलिस के पास जाता है तो पुलिस भारत के माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित कानून का उल्लंघन कर नियमित तरीके से केवल भारतीय दंड संहिता, 1860 के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज करती है।’’
इस मामले पर अगली सुनवाई मई में होगी।
भाषा
गोला पवनेश
पवनेश
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