नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) संसद की एक समिति ने नदियों को जोड़ने की योजना के तहत 2025-26 में आवंटित राशि का उपयोग न कर पाने पर चिंता जताई और सरकार से परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए कार्यान्वयन में तेजी लाने का आग्रह किया है।
जल संसाधन संबंधी संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) की स्थापना 1980 में की गई और राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (एनपीपी) के तहत नदियों को जोड़ने का कार्य सौंपा गया है, जिसके तहत 30 लिंक परियोजनाओं (प्रायद्वीपीय क्षेत्र में 16 और हिमालयी से निकलने वाली 14 नदी) की पहचान की गई है ताकि अधिशेष क्षेत्रों से कमी वाले क्षेत्रों में जल के अंतर-बेसिन हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाया जा सके और सूखाग्रस्त व वर्षा आधारित क्षेत्रों में जल की उपलब्धता में सुधार किया जा सके।
रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना में निधि का कम उपयोग हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक बजट अनुमान (बीई) चरण में निधि का आवंटन 2,400 करोड़ रुपये था, जिसे संशोधित अनुमान (आरई) चरण में संशोधित करके 1,808.29 करोड़ रुपये कर दिया गया, जबकि 31 दिसंबर 2025 तक वास्तविक व्यय 453.16 करोड़ रुपये रहा।
भाषा धीरज खारी
खारी
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
