नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि पेपर लीक हत्या से भी ज्यादा गंभीर अपराध है, क्योंकि इसका असर लंबे समय तक पूरे समाज पर पड़ता है. इसी टिप्पणी के साथ अदालत ने बुधवार को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व सचिव और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जीवन किशोर ध्रुव की जमानत याचिका खारिज कर दी.
जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की एकल पीठ ने कहा कि परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड़ जैसे अपराधों को साधारण अपराध नहीं कहा जा सकता. अदालत ने कहा कि आरोपियों की कथित हरकत “बाड़ ही खेत खा गई” जैसी है.
सीबीआई ने सितंबर 2025 में 2021 की CGPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और भाई-भतीजावाद की जांच के दौरान जीवन किशोर ध्रुव को गिरफ्तार किया था.
ध्रुव पर आरोप है कि CGPSC के सचिव रहते हुए उन्होंने अपने बेटे सुमित ध्रुव को डिप्टी कलेक्टर की नौकरी दिलवाई. इस मामले में सीबीआई ने आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी को भी गिरफ्तार किया था.
बुधवार को दिए अपने आदेश में जस्टिस गुरु ने कहा, “हम पहले भी इस मामले के दूसरे आरोपियों की जमानत पर सुनवाई के दौरान कह चुके हैं कि जो व्यक्ति प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कराने में मदद करता है, वह लाखों युवाओं के भविष्य और करियर से खिलवाड़ करता है. ये वे छात्र हैं, जो दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. ऐसा अपराध हत्या से भी ज्यादा गंभीर है, क्योंकि हत्या से सिर्फ एक परिवार प्रभावित होता है, लेकिन लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य बर्बाद होने से पूरा समाज प्रभावित होता है.”
उन्होंने आगे कहा, “इसलिए मौजूदा आरोपियों पर लगे आरोपों को किसी भी हालत में सामान्य नहीं कहा जा सकता. आरोपियों की कथित हरकत ‘बाड़ ही खेत खा गई’ का साफ उदाहरण है.”
सीबीआई ने जीवन किशोर ध्रुव और उनके बेटे सुमित ध्रुव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
जांच एजेंसी के मुताबिक, CGPSC के परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि जीवन किशोर ध्रुव के घर से बरामद एक प्रश्न पुस्तिका के 42 सवाल, 2021 की मुख्य परीक्षा के पेपर नंबर-7 के सवालों से मेल खाते थे.
इसके अलावा सीबीआई ने आरोप लगाया कि सुमित ध्रुव ने क्रिप्टोकरेंसी, रूस-यूक्रेन युद्ध और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका, दंतेवाड़ा जिला तथा छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम जैसे विषयों पर पहले से निबंध की तैयारी की थी.
बाद में यही विषय मुख्य परीक्षा में पूछे गए. सीबीआई का आरोप है कि गोपनीय परीक्षा सामग्री पहले से मिलने की वजह से सुमित ध्रुव के लिए परीक्षा पास करना आसान हो गया.
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