अगरतला, 26 जनवरी (भाषा) त्रिपुरा में उग्रवाद के खिलाफ आदिवासी लोगों के ‘आंदोलन’ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बिक्रम बहादुर जमातिया को सामाजिक कार्य श्रेणी में पद्मश्री सम्मान के लिए चुना गया है।
बिक्रम बहादुर ने 1990 के दशक में त्रिपुरा में उग्रवाद के खिलाफ आदिवासियों के बीच राय बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
वह जमातिया लोगों के सामाजिक-सांस्कृतिक-धार्मिक निकाय जमातिया होदा के प्रमुख के रूप में उग्रवाद प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों का दौरा करते थे और ग्रामीणों को उग्रवाद के खिलाफ खड़े होने के लिए प्रेरित करते थे।
दशकों से आदिवासी आस्था, संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने वाले जमातिया ने त्रिपुरा के पहाड़ी इलाकों में कथित धर्मांतरण के खिलाफ भी अहम भूमिका निभाई थी। 86 वर्षीय समाज सुधारक ने पीटीआई-भाषा से फोन पर कहा, ‘मैं इस खबर से अभिभूत हूं कि मुझे केंद्र सरकार ने पद्म श्री सम्मान के लिए चुना है…।’’
जमातिया अपने गांव- मोहरचेर्रा में रहते हैं जो खोवाई जिले के तेलियामुरा अनुमंडल के तहत आता है। उन्होंने कहा, “मुझे अपने मनोनयन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जिलाधिकारी डीके चकमा ने बुधवार रात मुझे फोन किया और मुझे इसकी जानकारी दी।’’
उन्होंने कहा, “यह वास्तव में न केवल मेरे लिए बल्कि मेरे राज्य के लोगों के लिए भी गर्व का क्षण है। मैं इसके लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद देता हूं।’’
भाषा अविनाश माधव
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